US ने दी भारत को चेतावनी, LAC पर ड्रैगन लगातार उठा रहा दावा मजबूत करने वाले कदम

करीब 18 महीने से पूर्वी लद्दाख में चल रहे भारत और चीन के सैन्य गतिरोध के बीच भी ड्रैगन अपनी कपटी चाल चलने से बाज नहीं आ रहा है। एकतरफ चीन की तरफ से भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत की जा रही है, दूसरी तरफ चीन LAC पर अपना दावा मजबूत करने के लिए लगातार टेक्टिकल कदम भी उठा रहा है।

चीन के इस कपट की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की प्रशासन ने भारत को दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से 3 नवंबर को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेना को भारत के साथ गतिरोध के दौरान बहुत सारा वास्तविक सैन्य ऑपरेशन और सामरिक अनुभव हासिल हुआ है।

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा मजबूत करने के लिए तिब्बत ऑटोनोमस रीजन और LAC के बीच विवादित जगह पर अपना एक गांव बसा दिया है। इस गांव में 100 घर बनाकर नागरिक बसाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने यह गांव साल 2020 में दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में गतिरोध शुरू होने के बाद बसाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गांव को बसाने के अलावा भी चीन ने बहुत सारे पक्के इंफ्रास्ट्रक्चर LAC से सटे इलाकों में बनाए हैं। इस दौरान चीन की तरफ से सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत भी जारी रखी गई है।

रिपोर्ट में जून, 2020 में दोनों देशों की सेना के बीच गलवां घाटी में हुए संघर्ष का खास जिक्र है, जिसमें दोनों देशों की तरफ से कई दशक बाद जवानों ने जान गंवाई थी। इसके अलावा रिपोर्ट में 8 सितंबर, 2020 की एक घटना का भी जिक्र किया गया है। इस घटना में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की पेट्रोल टीम ने पैंगोंग झील के करीब भारतीय सेना के गश्ती दल को चेतावनी देने के लिए फायरिंग की थी। यह दोनों देशों के बीच LAC पर कई दशक बाद गोली चलने की पहली घटना थी।

भारतीय अधिकारियों ने भी माना कि दोनों देशों की सेनाओं के पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर कैलाश रेंज की चोटियों पर कब्जा जमाने के लिए भी संघर्ष हुआ था। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस दौरान भी दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे को चेतावनी देने के लिए फायरिंग की गई थी।रिपोर्ट में दोनों देशों के बीच गतिरोध कम करने के लिए हो रही बातचीत की धीमी गति पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस धीमी गति के कारण इस साल जून तक दोनों देशों ने LAC के करीब बड़े पैमाने पर भारी हथियारों समेत सभी तरह के सैनिक साजोसामान की तैनाती बढ़ाई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत पर दबाव बनाने के लिए चीन उल्टा आरोप लगाने की कूटनीतिक चाल भी चलता रहा है। चीन ने भारत पर LAC के करीब इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाकर तनाव पैदा करने का आरोप लगाया और सीमा पर अपनी सेना की भारी तैनाती को इसका जवाब बताने की कोशिश की है।रिपोर्ट में चीन के लगातार परमाणु हथियार बढ़ाने की भी चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 6 साल में उसके पास 700 परमाणु हथियार हो जाएंगे। रिपोर्ट में भारत और चीन के डिफेंस बजट की तुलना भी की गई है और कहा है कि चीन लगातार अपना बजट बढ़ा रहा है। चीन ने 2021 में अपना डिफेंस बजट करीब 1,55,32,44,11,00,000 रुपये (209 अरब डॉलर) का घोषित किया है, जो पिछले 10 साल में दोगुना हो गया है। इसके मुकाबले भारत का डिफेंस बजट करीब 48,15,79,99,20,000 रुपये (64.8 अरब डॉलर) का ही है।

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