पेटीएम के IPO को नहीं मिला अच्छा रिस्पांस, दो गुना भी नहीं भर पाया

देश का सबसे बड़ा IPO ला रही पेटीएम को बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। कंपनी का इश्यू केवल 1.89 गुना भरा है। हाल के समय में सबसे खराब रिस्पांस पाने वाला यह इश्यू रहा है।बुधवार को पेटीएम के IPO का अंतिम दिन था। शाम 5 बजे तक इसे 1.89 गुना का रिस्पांस मिला। इसमें रिटेल का हिस्सा भी केवल 1.66 गुना ही भर पाया। जबकि क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स ने 2.79 गुना पैसा लगाया और नॉन इंस्टीट्यूशनल ने केवल 24% ही पैसा लगाया।

पेटीएम 18,300 करोड़ रुपए जुटाने के लिए बाजार में उतरी थी। इसने इश्यू का मूल्य 2,080 से 2,150 रुपए तय किया था। पहले दिन इसका इश्यू केवल 18% भरा था जबकि दूसरे दिन 40% से ज्यादा भरा था। तीसरे दिन उम्मीद थी कि इश्यू को अच्छा सब्सक्रिप्शन मिलेगा, पर ऐसा हो नहीं पाया। इसके शेयर्स की लिस्टिंग 20 नवंबर या 21 नवंबर को हो सकती है। स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन का शेयर लिस्ट होगा।

ब्लूमबर्ग ने कहा कि पेटीएम बहुत ज्यादा जोखिम वाला दांव है। स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाले इसके शेयर्स में कोई फायदा नहीं होगा।अल्डर कैपिटल की इन्वेस्टमेंट मैनेजर राखी प्रसाद ने ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि पेटीएम मर्चेंट्स के नजरिए से डिजिटल पेमेंट्स में बड़ा प्लेटफॉर्म है। पर इसे फायदा कमाने में अभी लंबा रास्ता तय करना है।राखी प्रसाद ने कहा कि इस कंपनी के IPO में काफी बड़ा जोखिम है। मध्यम से लंबे समय के दौरान इसमें फायदा नहीं होने वाला है। यहां तक कि शॉर्ट टर्म में भी इसके शेयर्स में कोई तेजी नहीं दिख सकती है। उन्होंने कहा कि IPO में डिमांड आ सकती है, पर लिस्टिंग में वैसा फायदा नहीं होगा, जैसा हमने दूसरी कंपनियों की लिस्टिंग के समय देखा है।रिटेल निवेशकों के लिए इस IPO में केवल 10% हिस्सा रिजर्व है। यानी 18,300 करोड़ रुपए में से रिटेल को केवल 1,891 करोड़ रुपए के ही शेयर्स मिलेंगे। 2,837 करोड़ रुपए नॉन इंस्टीट्यूशनल (NII) के लिए और 5,674 करोड़ रुपए क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB) के लिए है। इसका मूल्य दायरा 2,080 से 2,150 रुपए तय किया गया है।हालांकि एंकर निवेशकों ने इसमें अपने हिस्से का 10 गुना ज्यादा पैसा लगाया है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मोबाइल पेमेंट्स का मार्केट्स 2024 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का होगा। पेटीएम IPO ऐसे समय में आया है, जब देश में ढेर सारे यूनिकॉर्न बने हैं और फिनटेक कंपनियां इश्यू लाने में बिजी हैं। जोमैटो से लेकर नायका तक के इश्यू को अच्छा खासा रिस्पांस पहले दिन मिला था। लेकिन पेटीएम इसमें फेल रही। इस साल जितने भी इश्यू आए हैं, लिस्टिंग में सभी ने अच्छा खासा प्रदर्शन किया है।

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