बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट मोदी सरकार के कृषि कानून वापस लिए जाने पर लगातार नाराजगी जाहिर कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी कहा था। कंगना के इस बयान के बाद यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी अमरीष रंजन और लीगल सेल के को-ऑर्डिनेटर अंबुज दीक्षित ने उनके खिलाफ दिल्ली में शिकायत दर्ज करवाई है।
एक्ट्रेस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘खालिस्तानी आतंकवादी शायद आज सरकार का हाथ मोड़ रहे हैं, लेकिन भारत की इकलौती प्राइम मिनिस्टर को मत भूलिए, जिन्होंने इनको अपनी जूती के नीचे दबा दिया था। उन्होंने इस देश के लिए पता नहीं कितना सहा है। उन्होंने अपनी जिंदगी के बदले, इन्हें मच्छरों की तरह कुचला है, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए। उनकी मौत के दशकों बाद भी आज तक ये उनके नाम से कांपते हैं। इनको वैसा ही गुरु चाहिए।’
आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘खालिस्तानी मूवमेंट के बढ़ने के समय उनकी कहानी और ज्यादा रिलेवेंट लगती है। बहुत जल्द आपके लिए ला रहे हैं इमरजेंसी।’ इमरजेंसी कंगना की अपकमिंग फिल्म है, जिसमें वो इंदिरा गांधी की भूमिका निभाएंगी।
फिल्म प्रमोशन के नाम पर कंगना का ये भड़काऊ बयान सामने आने के बाद एक्ट्रेस के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है। यहां इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी अमरीष रंजन पांडे और लीगल सेल के कोआर्डिनेटर अंबुज दीक्षित ने एक्ट्रेस के खिलाफ शनिवार को शिकायत दर्ज करवाई है। एक्ट्रेस के खिलाफ 124 A (देशद्रोह), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने) और 505 (सार्वजनिक बुराई करने वाले बयान) के तहत शिकायत दी गई है।जहां एक तरफ एक्ट्रेस के खिलाफ केस हुआ है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रेसिडेंट और शिरोमणि अकाली दल के लीडर मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिखों को टारगेट करने पर एक्ट्रेस की आलोचना की है। सिरसा ने कहा कि कंगना को या तो जेल में भेजना चाहिए या मेंटल हॉस्पिटल। हम उनके इस घृणित बयान पर सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग करते हैं।