स्वीडन की संसद ने बुधवार को मैग्डेलेना एंडरसन को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर मंजूरी दे दी है। एंडरसन फिलहाल देश की वित्त मंत्री हैं। वह शुक्रवार को PM के तौर पर शपथ लेंगी। इस महीने की शुरुआत में एंडरसन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की लीडर चुनी गई थीं।
1 वोट से जीती एंडरसन
एंडरसन बुधवार को संसद में बहुमत के आंकड़े(175) से दूर थी। वोट कम होने के बावजूद उन्हें PM चुना गया। स्वीडन में प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद में बहुमत की जरूरत नहीं होती, बशर्ते बहुमत के आंकड़े के बराबर सांसद किसी कैंडिडेट का विरोध न करे।
संसद के 349 मेंबर्स में से 174 ने एंडरसन के खिलाफ वोट किया। हालांकि, 117 सांसदों ने उनका समर्थन किया है। 57 सांसदो ने वोटिंग मे हिस्सा नहीं लिया। वहीं, 1 सांसद अनुपस्थित थे।
एंडरसन ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत 1996 में की थी। वह PM गोरान पर्सन की पॉलिटिकल एडवाइजर थीं। वह उप्साला यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं और जूनियर स्विमिंग चैंपियन भी रह चुकी हैं। एंडरसन को विपक्षी पार्टियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। विपक्षी पार्टियों का कहना हैं कि वो सरकार के बजट का विरोध करेंगी।
एंडरसन ने पहले ही सेंट्रल पार्टी और सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी का समर्थन हासिल कर लिया था। हालांकि, इस बात की आशंका थी कि सेंट्रल पार्टी उनकी दावेदारी के खिलाफ जा सकती है। सेंट्रल पार्टी ने कहा है कि वह PM के तौर पर एंडरसन का समर्थन करेगी लेकिन सरकार के बजट का विरोध करेगी।
54 साल की एंडरसन ने संसद में लेफ्ट पार्टी के साथ एक समझौता किया। इसमें समर्थन वोट के बदले गरीबों की पेंशन बढ़ाने की मांग मानी गई। एंडरसन ने समझौते के बाद TV पर बयान दिया कि, हम बेहद गरीब पेंशन धारकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले एक समझौते पर सहमत हो गए हैं। 7 साल तक स्वीडन के प्रधानमंत्री रहे स्टीफन लोफवेन के बाद एंडरसन PM होंगी। स्टीफन ने 10 नवंबर को इस्तीफा दिया था।