अलर्ट जारी, विदेश से लौटने के बाद पॉजिटिव हुए तो मरीज में नए वैरिएंट की करेंगे जांच

राजधानी में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। वैरिएंट की एडवांस जांच के लिए सैंपल भेजने में तेजी लाने के लिए कहा है। विदेश यात्रा से आकर यहां संक्रमित निकलने पर उनके सैंपल भेजने में देरी नहीं करने को कहा गया है, ताकि जल्द से जल्द वैरिएंट का पता लगाया जा सके। इसके अलावा ऐसे लोग जो पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग का फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं या कि अपने संपर्क में आए लोगों की जानकारी देने से बच रहे हैं, उन पर सख्ती से पेश आने के लिए कहा है।

रायपुर में एक्टिव मरीजों की संख्या फिलहाल 50 से अधिक है। इनमें अधिकतर मरीज घर में ही कोरोना ट्रीटमेंट ले रहे हैं। कोरोना के एक्टिव मरीजों के लिहाज अभी राजधानी के अंबेडकर अस्पताल और एम्स रायपुर में 1 हजार बेड की व्यवस्था है। एक्टिव केस इससे अधिक बढ़ते हैं तो सबसे पहले जिला अस्पताल का कोविड वार्ड को शुरु करने तैयारी है। वहीं नए वैरिएंट वाले मरीजों का ट्रीटमेंट केवल अस्पतालों में ही किया जाएगा, इस बारे में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रायपुर में पिछले दो हफ्तों के दौरान ऐसे संक्रमित ज्यादा मिले हैं जो किसी न किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं। वहीं परिवार में एक दूसरे से संक्रमण फैलने के केस भी आ रहे हैं।

स्थिति के आंकलन के बाद रायपुर में बीते दो हफ्ते में कोरोना चेन जैसे जो भी केस मिले हैं, उनके सैंपल एडवांस लैब में जांच के लिए भेजने को कहा है। एक ही पॉजिटिव से संक्रमण क्यों फैला? इसकी गहराई से पड़ताल की जा सकेगी। रायपुर में पिछले दो हफ्ते में आधा दर्जन से अधिक परिवारों में दो या दो से अधिक केस सामने आए हैं। वहीं दफ्तर या सार्वजनिक स्थानों पर जाकर संक्रमित हुए दस से अधिक लोगों में कांटेक्ट सोर्स के जरिए संक्रमण के लक्षण देखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक रायपुर में पहले संक्रमण में इस तरह का फैलाव नहीं देखा जा रहा था। लोग संक्रमित होते भी थे तो परिवार के लोगों में संक्रमण के मामले कम मिल रहे थे।रायपुर ने फौरी तौर पर जो रणनीति बनाई है उसमें केवल विदेश से आने वाले लोगों में ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों से आकर पॉजिटिव निकलने वाले मरीजों को विशेष निगरानी में रखने को कहा गया है। वहीं पॉजिटिव की ट्रेसिंग के लिए जिला पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीमों को पहले की तरह जल्द ही एक्टिवेट किया जाएगा। अस्पतालों में कोरोना ड्यूटी कर चुके डॉक्टरों और नर्सिंग पैरा मेडिकल स्टाफ को मौखिक रूप से तैयार रहने को कहा गया है। रायपुर में होम आइसोलेशन में ऐसे पेंशेंट जो घर में पूरी तरह आइसोलेट नहीं रह रहे हैं, उन पर भी सख्ती से पेश आने की हिदायत दी गई है।

फिलहाल ये स्थिति; रायपुर में अब तक 134 से अधिक केस मिल चुके, औसत 5 मरीज रोज
राजधानी में सितंबर के महीने में हर दिन मिल रहे मरीजों का औसत केवल 2 था, जो अक्टूबर में बढ़कर 3 मरीज प्रतिदिन पर आ गया। नवंबर रोज मिलने वाले मरीजों का औसत 5 हो गया है। त्योहार के बाद से रायपुर में केस में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है, इतना ही नहीं कभी कम जांच में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं तो कभी ज्यादा जांच में कम मरीज। जानकारों के मुताबिक इस स्थिति में ज्यादा सावधानी रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ऐसी ही स्थिति में ही अचानक से केस बढ़ने लगते हैं। कोरोना की दोनों लहरों में पीक से पहले इस तरह की स्थिति बन चुकी है। हालांकि शनिवार को रायपुर में काफी राहत भरी स्थिति रही है 2678 से अधिक टेस्ट में केवल एक ही पॉजिटिव मिला है।

विदेश हो या देश के दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकांश लोग पहले रायपुर में ही आते हैं, इसलिए राजधानी को हमने विशेष रूप से सावधान रहने के लिए कहा है। पॉजिटिव लोगों में बाहर से आए लोगों के संपर्क में आए सभी की जांच के लिए पहले ही कह चुके हैं।

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