दूरसंचार विभाग ने 9 से ज्यादा सिम रखने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। विभाग ने पूरे देश में 9 कनेक्शन और जम्मू-कश्मीर, असम सहित उत्तर-पूर्व राज्य में 6 कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों के सिम को फिर से वैरिफाई करने और वैरिफाई नहीं होने पर उन्हें डिस्कनेक्ट करने का आदेश जारी किया है। ये आदेश 7 दिसंबर को जारी किए गए हैं।दूरसंचार विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ग्राहकों के पास अनुमति से अधिक सिम कार्ड पाए जाने की स्थिति में उन्हें अपनी मर्जी का सिम चालू रखने और शेष को बंद करने का विकल्प दिया जाएगा। विभाग ने कहा अगर किसी ग्राहक के पास तय संख्या से ज्यादा सिम कार्ड पाए जाते है तो सभी सिम का फिर से वैरिफिकेशन किया जाएगा।
विभाग ने सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स को आदेश दिया है कि जिन यूजर्स के पास 9 से ज्यादा सिम कार्ड हैं, उन्हें नोटिफिकेशन भेजा जाए। ऐसे सभी सिम कार्ड की आउटगोइंग कॉल को 30 दिनों के अंदर बंद कर दी जाएं। जबकि इनकमिंग कॉल को 45 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि मोबाइल सिम यूजर्स के पास एक्स्ट्रा सिम को सरेंडर करने का भी ऑप्शन होगा।अगर सब्सक्राइबर की तरफ से नोटिफाई किए गए सिम को वैरिफाई नहीं कराया जाता है, तो ऐसे सिम को 60 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया है। अगर सब्सक्राइबर इंटरनेशनल रोमिंग, बीमार और विकलांग व्यक्तियों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।दूरसंचार विभाग ने यह कदम दरअसल वित्तीय अपराधों, आपत्तिजनक कॉल और धोखाधड़ी गतिविधियों की घटनाओं की जांच करने को लेकर उठाया है। विभाग ने दूरसंचार कंपनियों से उन सभी मोबाइल नंबर को डेटाबेस से हटाने के लिए कहा है जो नियम के अनुसार उपयोग में नहीं हैं।
इस साल सितंबर में ही सिम कार्ड KYC नियमों में ही सरकार बदलाव किया था। इसके अनुसार नए कनेक्शन लेने या प्रीपेड नंबर को पोस्टपेड में या पोस्टपेड को प्रीपेड में बदलने के लिए फिजिकल फॉर्म भरने की जरूरत का खत्म किया गया था।
अगर आपको कोई नया मोबाइल नंबर या टेलीफोन कनेक्शन लेना है तो आपका KYC पूरी तरह से डिजिटल होगी। यानी KYC के लिए आपको किसी तरह का कोई कागज जमा नहीं करना होगा। नए नियमों के अनुसार आप सिम देने वाली कंपनी के ऐप के जरिए सेल्फ KYC कर सकेंगे। इसके लिए आपको मात्र 1 रुपए देना होगा।