चित्रकूट में RSS का घर वापसी प्लान तय:संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले- हिंदू धर्म छोड़ने वाले घर वापसी करें

UP चुनाव से पहले चित्रकूट में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि डर ज्‍यादा दिन तक बांध नहीं सकता है। अहंकार से एकता टूटती है। हम लोगों को जोड़ने के लिए काम करेंगे। यहां चल रहे तीन दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ में शामिल लोगों को भागवत ने इसका संकल्‍प भी दिलाया। वहीं, जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि हमने हिंदुओं के हितों की शुरुआत कर दी है। A से अयोध्या, K से काशी के बाद अब M से मथुरा की बारी है।

कार्यक्रम में श्री श्री रविशंकर भी शामिल हुए। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग जुटते हैं तो भय पैदा होता है। जबकि, जहां संत और हिन्‍दू इकट्‌ठा होते हैं, वहां अभय मिलता है। उन्‍होंने कहा कि देश भक्ति और ईश्‍वर भक्ति एक ही है। जो देशभक्‍त नहीं है वो ईश्‍वर भक्‍त भी नहीं हो सकता।

कार्यक्रम के दूसरे दिन मोहन भागवत ने करीब 20 मिनट तक हिंदू एकता महाकुंभ में आए लोगों को संबोधित किया। इसमें उन्होंने हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय, मठ मंदिर की सुरक्षा, धर्मांतरण पर रोक, जनसंख्या नियंत्रण, राष्ट्रवाद और समान नागरिक संहिता, लव जिहाद, गोरक्षा, सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसके अलावा, मोहन भागवत ने महाकुंभ में आए लोगों को संकल्प दिलाया।

इसमें RSS प्रमुख भागवत के साथ संकल्प लेते हुए कहा, ‘मैं हिंदू संस्कृति के धर्म योद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की संकल्प स्थली पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूं कि मैं अपने पवित्र हिंदू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज के संरक्षण संवर्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूंगा।

मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि किसी भी हिंदू भाई को हिंदू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा। जो भाई धर्म छोड़ कर चले गए हैं, उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करूंगा। उन्हें परिवार का हिस्सा बनाऊंगा। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि हिंदू बहनों की अस्मिता, सम्मान और शील की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करूंगा। जाति, वर्ग, भाषा, पंथ के भेद से ऊपर उठ कर हिंदू समाज को समरस सशक्त अभेद्य बनाने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करूंगा।’हिंदू एकता महाकुंभ के अध्यक्ष जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कार्यक्रम के दूसरे दिन 5 लाख की भीड़ आने का दावा किया था, लेकिन यह भीड़ डेढ़ लाख में सिमट कर रह गई। कार्यक्रम में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। बैठने वाला कोई नहीं था।कार्यक्रम में मोहन भागवत, श्री श्री रविशंकर के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को आना था, लेकिन सिर्फ मोहन भागवत ही शिरकत किए हैं। मोहन भागवत के मंच में ज्यादातर भाजपा के चेहरे नजर आ रहे थे। स्थानीय सांसद आरके सिंह पटेल भी मंच पर उपस्थित नजर आए।

श्रीश्री रविशंकर ने हिंदू महाकुंभ के 12 मुद्दों का समर्थन किया है। इसमें राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक श्रीराम मंदिर, देव स्थानों की परंपरा नष्ट कर रहा सरकारी नियंत्रण, धर्मांतरण की अंतर्राष्ट्रीय साजिश, देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून, सामान नागरिकता अधिकार, लव जेहाद से युवा पीढ़ी में भटकाव, भारतीय दर्शन आधारित शिक्षा जरूरी, धर्म में व्यसन का त्याग हो अनिवार्य, गोरक्षा के ठोस प्रयास, मातृ शक्ति को सशक्त बनाना जरूरी, हिंदू धर्म के बारे में दुष्प्रचार बंद हो और पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *