प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया। इस मौके पर PM ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इतने बड़े UP को चलाने के लिए जिस दमखम और दमदारी की जरूरत है, उसे ये डबल इंजन सरकार पूरी कर रही है। गंगा एक्सप्रेस वे UP के प्रगति के द्वार खोलेगा। मोदी ने अपने भाषण में यूपी के लिए योगी को उपयोगी बताया। कहा मोदी+ योगी भी बहुत उपयोगी है।
मोदी ने कहा कि पहले बेटियों की सुरक्षा पर आए दिन सवाल उठते रहते थे, उनका स्कूल कॉलेज जाना तक मुश्किल कर दिया गया था। कब कहां दंगा और आगजनी हो जाए कोई नहीं कह सकता था, लेकिन बीते साढ़े 4 साल में योगी जी की सरकार ने स्थिति को सुधारने के लिए बहुत परिश्रम किया है। हालात बदल गए हैं।
मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
- पहले सड़क पर कट्टा लहराने वाले दिखते थे, अब उन पर बुलडोजर चलता है।
- अयोध्या, मथुरा, काशी का विकास और गंगा की सफाई विपक्ष को रास नहीं हो आ रही है।
- पहले लड़कियां सुरक्षित नहीं नहीं थी, कभी भी दंगे हो जाते थे, आग लग जाती थी। अब हालात बदल गए हैं।
- आज गरीब का दर्द समझने वाली, गरीब का साथ देने वाली सरकार बनी है।
- काकोरी से क्रांति की अलख जगाने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान को मैं नमन करता हूं। मुझे इस मिट्टी को माथे पर लगाने का सौभाग्य मिला है।
मोदी के भाषण पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है। अखिलेश ने कहा कि हाथरस की बेटी, लखीमपुर का किसान, गोरखपुर का व्यापारी, असुरक्षित महिला, बेरोज़गार युवा, पीड़ित दलित-पिछड़े सब कह रहे हैं… यूपी के लिए वर्तमान सरकार उपयोगी नहीं, अनुपयोगी है। यूपीवाले कह रहे हैं अगर कोई ‘उप-योगी’ है; तो ‘मुख्य-योगी’ कौन है?36 हजार करोड़ की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी UP को पूर्वांचल से जोड़ेगा। मेरठ से 12 जिलों से होता हुआ प्रयागराज में खत्म होगा। इसके जरिए मेरठ से प्रयागराज तक की जो दूरी 8-9 घंटे में पूरी होती है, वह साढ़े 6 घंटे में पूरी हो जाएगी।
पश्चिमी UP में रहने वाले लोगों के लिए पूर्वांचल का सफर आसान होगा। इसके अलावा नोएडा और दिल्ली जैसे शहरों में भी पूर्वांचल के लोग रहते हैं। जिन्हें अब कम समय में अपने घर पहुंचने में सहूलियत होगी।एक्सप्रेस-वे की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के मुताबिक, मेरठ-बुलंदशहर मार्ग (NH-334) पर मेरठ के बिजौली गांव से एक्सप्रेस-वे शुरू होगा। प्रयागराज बाईपास (NH-19) पर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। दिल्ली से बिहार तक का सफर करीब 11 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसके लिए करीब 7386 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। अब तक 82,750 किसानों से 94 प्रतिशत भूमि की खरीद हुई है।