छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन पर केंद्र का अलर्ट:

देश भर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों से सरकार की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नए खतरे की चेतावनी देते हुए राज्यों को पत्र लिखा है। इसके मुताबिक कोरोना का नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का संक्रमण तीन गुना तेजी से फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना के नए क्लस्टर्स से सभी नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने रोकथाम के लिए सभा, सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध और नाइट कर्फ्यू जैसे उपाय करने को भी कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र में कहा है, जिला स्तर पर पॉजिटिव आ रहे आंकड़ों की कोरोना प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक प्रसार, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और उसके उपयोग, कंटेनमेंट जोन के आधार पर निरंतर समीक्षा होनी चाहिए। जिला स्तर पर प्रभावी निर्णय लेने का यही आधार होना चाहिए। इस तरह की रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण फैलने से पहले स्थानीय स्तर पर ही इसे नियंत्रित किया जा सके। राज्यों को पिछले एक सप्ताह के 10% से अधिक पॉजिटिव रिपोर्ट का परीक्षण करने को कहा गया है।

इसके अलावा ऑक्सीजन वाले या आईसीयू बिस्तरों पर 40% या अधिक का बिस्तर भरे होने की स्थिति में नियंत्रण के उपाय शुरू करने को कहा गया है। ऐसा होने पर प्रतिबंध तत्काल लगाने को कहा गया है। कहा गया है, नए क्लस्टर में कोरोना संक्रमण फैलने पर उसे तत्काल कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए। बफर जोन बनाया जाए। ऐसे क्लस्टर के सभी पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब को भेजा जाए ताकि ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान की जा सके। ऐसे क्षेत्रों में रात्रि कर्फ्यू, सभाओं पर प्रतिबंध और विवाह और अन्त्येष्टि जैसे आयोजनों में लोगों की संख्या सीमित की जा सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को हस्तक्षेप के कुछ प्रमुख क्षेत्रों की शिनाख्त भी भेजी है। उन्होंने कंटेनमेंट, परीक्षण और ट्रेकिंग पर जोर दिया है। इसके अलावा क्लिनिकल सर्विलांस, टीकाकरण और कोविड के लिए उपयुक्त व्यवहार अपनाए जाने पर जोर है।

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