PAK-अफगान तनाव:

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत के बीच बॉर्डर फेंसिंग के मुद्दे पर फिर गहरा तनाव पैदा हो गया है। बुधवार को तालिबान के लोगों ने नांगरहार प्रांत में सीमा पर कांटेदार तार से फेंसिंग कर रहे पाकिस्तानी सैनिकों को रोक दिया। इसके बाद तार और बाकी सामान जब्त कर लिया। कुछ देर में ही पाकिस्तानी सैनिक वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद तालिबान ने इस इलाके में हेलिकॉप्टर से निगरानी शुरू कर दी है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कुल 2600 किलोमीटर लंबी सीमा है। अफगानिस्तान कई दशकों से दावा करता आया है कि पाकिस्तान ने उसके कई इलाकों पर कब्जा कर रखा है। पाकिस्तान इस सीमा पर कंटीले तार लगाकर अफगान लोगों की आवाजाही बंद करना चाहता है, लेकिन तालिबान इसका विरोध करता है।

बुधवार को पाकिस्तानी सेना पूरी तैयारी के साथ फेंसिंग कर रही थी। इसी दौरान वहां तालिबान पहुंच गए। उन्होंने तारबंदी का विरोध किया और वहां मौजूद पूरा सामान जब्त कर लिया। इस दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से उनकी बहस भी हुई। कुछ देर में पाकिस्तानी सैनिक भाग खड़े हुए।

अफगानिस्तान की डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता इनायतउल्लाह खावरआजमी ने भी इस घटना की पुष्टि की है। आजमी ने कहा- पाकिस्तान नांगरहार इलाके में गैरकानूनी फेंसिंग लगाना चाहता है, हमने उसे रोक दिया है। हम हालात पर नजर रख रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया में तो तनाव की खबरें हैं, लेकिन सरकार या फौज ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है।

काबुल में तालिबान के प्रवक्ता ने कहा- हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। दोनों फौज आमने-सामने आ गईं थीं। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान ने पहले कुनार प्रांत के सीमाई इलाके में भी यही हरकत की थी। हमने इस इलाके में अपने मिलिट्री हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। पाकिस्तान ने चार साल पहले सीमाई इलाके में तारबंदी शुरू की थी। अफगानिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच अंग्रेजों द्वारा तय की गई डूरंड लाइन को वो नहीं मानता।

1947 में पाकिस्तान की आजादी के बाद से ही अफगानिस्तान के साथ उसका गंभीर सीमा विवाद है। दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहा जाता है। ये 1893 में अंग्रेजों ने तय की थी। दोनों देशों में इस मसले पर 22 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। अफगानिस्तान का दावा है कि उसके पश्तून इलाकों पर पाकिस्तान ने कब्जा किया है। पाकिस्तान इसे अपना हिस्सा बताता है।

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