वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटपुट साल 2022 में 100 ट्रिलियन डॉलर को पार कर जाएगा। इसके साथ ही फ्रांस को पछाड़कर भारत 6वीं पोजीशन फिर से हासिल कर लेगा।
इसके बाद भारत 2023 में ब्रिटेन को पछाड़ेगा और 2031 तक दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (CEBR) की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है।
CEBR की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को पछाड़ने में चीन को पहले के अनुमान के मुकाबले 2 साल ज्यादा लगेंगे।
पहले अनुमान लगाया गया था कि साल 2028 तक अमेरिका को पछाड़कर चीन दुनिया की नंबर 1 इकोनॉमी बन जाएगी। अब इसे बढ़ाकर 2030 कर दिया गया है।
जर्मनी 2033 में इकोनॉमिक आउटपुट में जापान को पीछे छोड़ देगा। इंडोनेशिया 2034 तक 9वीं पोजीशन पर आ सकता है और 2036 तक रूस टॉप 10 इकोनॉमी में शामिल हो जाएगा।
CEBR के डिप्टी चेयरमैन डगलस मैकविलियम्स ने कहा, ‘इस दशक में वर्ल्ड इकोनॉमी के लिए मुख्य मुद्दा महंगाई है। यह देखना होगा कि दुनिया महंगाई से कैसे निपटती है।
अगर चीजें कंट्रोल में नहीं रहती है तो दुनिया को 2023 या 2024 में मंदी के लिए तैयार रहना होगा।’ अमेरिका में महंगाई 6.8% हो गई है जो चिंता का कारण है।
अगर पॉलिसी मेकर्स महंगाई से नहीं निपट पाते हैं तो Covid-19 के कम होने के बाद आई रिकवरी प्रभावित होगी और इकोनॉमी को मंदी से बचा पाना मुश्किल होगा।