हिमाचल में PM मोदी मंडियाली में बोले:देवभूमि दे सारे देवी-देवतेयां जो मेरा नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित ऐतिहासिक पड्डल मैदान में अपना संबोधन मंडियाली भाषा में शुरू किया। उन्होंने मंडियाली में कहा कि, ‘देवभूमि च आशीर्वाद लैणे रा मौका मिलेया। देवभूमि दे सारे देवी-देवतेयां जो मेरा नमन। मंडी आदें ही बदाणे रा मिट्ठा, कचौरी और सेपू बड़ी री याद आ जांदी ऐ।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा देश में फार्मा क्षेत्र में हिमाचल ने अपनी अलग पहचान बनाई है। देश को फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड कहते हैं और इसके पीछे हिमाचल एक बहुत बड़ी ताकत है। कोरोनाकाल के दौरान हिमाचल ने न सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की। आयुष इंडस्ट्री को सरकार लगातार बढ़ावा दे रही है।

PM मोदी ने कहा कि उनका हिमाचल से गूढ़ प्रेम रहा है। वह काशी विश्वनाथ में दर्शन करने के बाद छोटी काशी आए हैं। यहां बाबा भूतनाथ, पंचवक्त्र महादेव मंदिर के दर्शन करने का मौका मिला। उनके जीवन को दिशा देने में हिमाचल ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के चार साल पूरे होने पर हिमाचल के लोग बधाई के पात्र हैं। इतनी ठंड में यहां इतने लोगों का आना इस बात का द्योतक है कि हिमाचल में चार साल में विकास को गति मिली है।

PM मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी टीम ने विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी है। इन सालों में सरकार ने कोरोना से लड़ाई भी लड़ी और विकास को भी प्रभावित नहीं होने दिया। हिमाचल को एम्स, मेडिकल कॉलेज दिए और कनेक्विटी बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि वह पड्डल मैदान में आने से पहले INVESTERS MEET में गए। वहां प्रदर्शनी देख कर मन अभिभूत हो गया। हिमाचल में करोड़ों रुपए के INVESTMENT से लोगों को रोजगार मिलेगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल प्रदेश के मंडी में पहुंचने पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हालांकि 11:00 बजे आना था लेकिन वह आधे घंटे की देरी से 11:30 बजे कांगणीधार हेलीपैड पर उतरे। यहां से सीधे INVESTERS MEET मीट में गए। वहां पर निवेशकों के साथ रूबरू हुए और हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों की लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने वहां लगी बड़ी स्क्रीन पर विभिन्न विकास कार्यों उद्योगों का अवलोकन किया। मीट के बाद प्रधानमंत्री केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्यपाल के साथ पड्डल मैदान पहुंचे। यहां दूर-दूर से आए लोगों ने नारे लगाकर और पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर PM मोदी का स्वागत किया। मंच पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को हिमाचली टोपी और शाल भेंट कर स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने शिमला जिले की पब्बर नदी पर 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी 111 मेगावाट की सावड़ा-कुड्डू पनबिजली परियोजना को लोकार्पित किया। परियोजना के डिजायन की तारीफ करते हुए PM ने कहा कि यह पिआनो की अकृति जैसा दिखने वाला दुनिया का अपनी तरह का अनूठा बांध है। उन्होंने कहा कि गिरी नदी पर रेणुका परियोजना का प्रदेश को बहुत लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ लीविंग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली हर क्षेत्र के लिए जरूरी है। भारत अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है। हिमाचल प्राकृतिक खेती में बढ़-चढ़कर काम कर रहा है। उन्होंने खुशी जताई कि प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा किसान केमिकल मुक्त प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फार्मिंग में भी नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। केमिकल मुक्त कृषि उत्पादों की देश-विदेश हर जगह मांग है।

प्रधानमंत्री ने स्वच्छ हिमाचल को कचरा मुक्त बनाने के लिए यहां आने वाले पर्यटकों से आग्रह किया कि देवभूमि में प्लास्टिक कचरा फैलाएं। हिमाचल में पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं। बहुत सारे रमणीक स्थल हिमाचल में हैं। यहां जैसा नजारा दुनिया में और कहीं देखने को नहीं मिलता। पर्यटन का फन हिमाचल से बढ़कर कहीं और नहीं मिल सकता।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक विचारधारा विलन जैसी है और जबकि दूसरी विकास की है। उन्होंने कहा कि विलन जैसी विचारधारा वालों ने पहाड़ों पर रहने वालों की कभी परवाह नहीं की। इन्हीं विलन की विचारधारा वालों ने हिमाचल के लोगों को अटल टनल के लिए दशकों तक इंतजार करवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्हीं विलन की विचारधारा वालों के कारण ही रेणुका परियोजना में तीन दशक लग गए। हिमाचल को शिव और शक्ति का स्थान बताते हुए कहा कि यहां तीन कैलाश हैं, बौद्ध आस्था यहां है। पर्यटन और तीर्थाटन जुड़ रहे हैं।

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