न्यू ईयर मनाने 20 हजार से ज्यादा लोग बाहर गए, इन्हें क्वारंटाइन में रहना होगा

न्यू ईयर मनाने 20 हजार से ज्यादा लोग बाहर गए, इन्हें क्वारंटाइन में रहना होगा

पिछले तीन-चार दिन में राजधानी-प्रदेश से 20-25 हजार लोग नए साल का जश्न मनाने दिल्ली, मुंबई, गोवा, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल, मध्यप्रदेश, जम्मू, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत गए हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। पिछले तीन दिन से प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है और विशेषज्ञ चिंतित हैं कि अगले एक हफ्ते में इतने लोगों की अलग-अलग डेस्टिनेशन से प्रदेशभर में वापसी भी होने वाली है।

डाक्टरों का कहना है कि अभी नए वैरिएंट के असर की वजह से कोविड के लक्षण तीन दिन में ही दिखाई देने लगे हैं, इसलिए नए साल का जश्न मनाकर लौटनेवालों को सरकारी एजेंसियां इस बात के लिए जागरुक करें कि वे लौटकर 7 दिन के लिए खुद क्वारंटाइन हो जाएं।

इस मुद्दे को लेकर हेल्थ अमले में ज्यादा चिंता है। डाक्टरों का कहना है कि भीड़भरे डेस्टिनेशंस से लौटनेवालों में इक्का-दुक्का भी संक्रमण लेकर आए तो इनके असर से 6-7 जनवरी के आसपास संक्रमण तेजी से बढ़ने की आशंका है। जश्न के लिए बाहर गए ज्यादातर लोगों ने फ्लाइट और रेल जैसे साधनों का सहारा लिया है। इसलिए वापसी में दोनों जगह टेस्टिंग या सावधानी बरतने पर जोर देना जरूरी है क्योंकि ओमिक्रान का फैलाव डेल्टा से तीन गुना तक अधिक माना जा रहा है। जहां तक टेस्टिंग का सवाल है, अभी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन में जांच शुरू नहीं हुई है।

शहर में ऐसे आईं कोरोना की दो लहरें

पहली लहर- मार्च 2020 में मिलने शुरू हुए मरीज। सितंबर में आया पीक। पहली लहर की बड़ी वजह यही थी कि लोगों ने कोविड को हल्के में ले रखा था, सख्ती भी कम थी।

दूसरी लहर- मार्च 2021 में बढ़ने शुरू हुए थे मरीज, अप्रैल में आया पीक। दूसरी लहर की वजह सख्ती कम रहना और राजधानी-प्रदेश में कई बड़े आयोजन, जिसमें विदेशी भी अाए।

ताजा स्थिति- जांच नहीं के बराबर है, आवाजाही पर कोई रोक नहीं है, बाजार से लेकर सामान्य जनजीवन में किसी तरह के प्रतिबंध लागू नहीं है। इसलिए खतरा कुछ ज्यादा है।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने गुरुवार को कलेक्टरों की बैठक लेकर जिलों में दूसरे राज्य या देश से वायु, रेल और सड़क मार्ग से आने वाले नागरिकों की जांच के निर्देश दिए थे। मगर, शुक्रवार को इन स्थानों पर किसी भी प्रकार की जांच शुरू नहीं हुई। बस एयरपोर्ट पर आने-जाने वालों के नाम, पते दर्ज करवाए जा रहे हैं। हाईवे पर दूसरे राज्यों से आने वालों के सिर्फ नाम नोट किए जा रहे हैं।

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