मिड-एयर आइसोलेशन का अनूठा मामला:

मिड-एयर आइसोलेशन का अनूठा मामला:

कोरोना पॉजिटिव होने पर घर में या हॉस्पिटल में लोगों के आइसोलेट होने की बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन अमेरिका में एक महिला को फ्लाइट के बाथरूम में आइसोलेट होना पड़ा, वो भी तीन घंटे के लिए। घटना 19 दिसबंर की है। अमेरिका के मिशिगन राज्य की मरिसा फोटियो अमेरिका से आइसलैंड की फ्लाइट में फ्लाइट में सवार थीं। आधे सफर में उनका गला दर्द होने लगा, तो उन्होंने बाथरूम जाकर रैपिड एंटिजन टेस्ट किया। टेस्ट रिपॉर्ट पॉजिटिव आ गई।

इसमें बड़ी बात यह है कि वे फुली वैक्सीनेटिड हैं और बूस्टर डोज भी ले चुकी हैं। फ्लाइट में सवार होने से पहले उन्होंने दो RT-PCR टेस्ट और पांच रैपिड टेस्ट किए थे। लेकिन सभी रिपोर्ट्स निगेटिव आईं। लेकिन फ्लाइट से डेढ घंटे पहले उनके गले में सूजन महसूस होने लगी। फ्लाइट में बैठने के बाद जब उनके गले का दर्द बढ़ने लगा, तो उन्होंने टेस्ट करने के बारे में सोचा।

मरिसा ने बताया कि जब फ्लाइट में टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आया तो प्लेन अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ रहा था। फ्लाइट अटेंडेंट को अपनी स्थिति बताते हुए वे घबराहट के मारे रोने लगीं। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे परिवार के लिए डर लग रहा था, जिनके साथ मैंने कुछ देर पहले खाना खाया था। मैं प्लेन के बाकी पैसेंजर्स के लिए डर रही थी। मुझे अपने लिए भी डर लग रहा था।फ्लाइट अटेंडेंट ने CNN काे बताया कि उन्होंने मरिसा को आइसोलेट करके बिठाने के लिए सीट अरेंज करने की कोशिश की, लेकिन फ्लाइट फुल होने की वजह से उनके लिए खाली स्पॉट नहीं बन पाया। इसके बाद मरिसा ने खुद बाथरूम में आइसोलेट होने का फैसला लिया, क्योंकि वे दूसरों को खतरे में नहीं डालना चाहती थीं।

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