बिलासपुर में नाबालिग लड़की को अगवा कर दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने युवक को 20 साल की सजा सुनाई है। दो साल पहले गुपचुप खाने के गई किशोरी को युवक बहला कर अपने साथ भगाकर ले गया था।
जानकारी के अनुसार सरकंडा के अशोक नगर मुरुम खदान के पास रहने वाले युवक धर्मेंद्र यादव (22) के साथ एक 15 साल की लड़की से जान पहचान हो गया था। धर्मेंद्र ने उससे दोस्ती की और उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। 27 अक्टूबर को किशोरी अपने घर से सहेलियों के साथ गुपचुप खाने के लिए निकली थी। तभी रास्ते में धर्मेंद्र मिला और उसे बहला कर अपने साथ ले गया। किशोरी जब शाम तक अपने घर नहीं लौटी तब परिजन ने उसकी तलाश करने निकले।
उसकी सहेलियों व परिचितों से जानकारी जुटाई गई, तब भी उसका कुछ पता नहीं चला। इससे परेशान होकर उसकी मां ने सरकंडा थाने में सूचना दी। पुलिस अपहरण की आशंका से मामले की जांच कर रही थी। तब पता चला कि धर्मेंद्र उसे अपने साथ ले गया है। पुलिस ने धर्मेंद्र को पकड़ लिया और किशोरी को उसके परिजन को सौंप दिया। पीड़ित लड़की का बयान दर्ज करने पर उसके साथ दुष्कर्म का राज खुला।
लिहाजा, पुलिस ने अपहरण के साथ ही दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इधर, फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल चला। सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विवेक तिवारी ने आरोपी धर्मेंद्र को नाबालिग से अपहरण कर दुष्कर्म करने का दोषी माना। लिहाजा, कोर्ट ने उसे 20 साल कारावास व 500 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।कोर्ट ने धर्मेंद्र को धारा 363 में 5 साल व 250 रुपए, धारा 366 क में 5 साल व 250 रुपए और धारा 4(2) पाक्सो एक्ट में 20 साल सश्रम कारावास और 500 रुपए अर्थदंड दिया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे 5 साल अतिरिक्त सजा दी जाएगी। आरोपी के सभी सजाएं एक साथ चलेगी।