एपल बनी 3 लाख करोड़ डॉलर की कंपनी:

एपल बनी 3 लाख करोड़ डॉलर की कंपनी:

करीब 45 साल पहले कैलिफोर्निया में गैराज से शुरू हुई एपल दुनिया की पहली कंपनी बन गई है जिसकी मार्केट वैल्यू 3 लाख करोड़ डॉलर (करीब 225 लाख करोड़ रुपए) के पार हो गई है। यह भारत समेत 198 देशों की GDP से भी ज्यादा है। एपल के शेयरों ने 3% उछाल के साथ 182.88 डॉलर के उच्चतम स्तर को छूकर यह मुकाम हासिल किया।

कंपनी की कमाई में भले 50% से ज्यादा हिस्सेदारी आईफोन की हो, पर मीडिया के उभरते क्षेत्रों में भी प्रतिद्वंद्वियों से 4 गुना तक कम निवेश के बावजूद यह टॉप-5 में है। वजह- कंपनी की अलग सोच। एपल की मार्केट वैल्यू अब सिर्फ 5 देशों (अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन) की GDP से ही कम है।

एपल ने 21 साल पहले जब आईट्यून लॉन्च किया था, तो म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी। कंपनी ने फिर मीडिया इंडस्ट्री में वापसी की है। 2015 में लॉन्च हुआ एपल म्यूजिक स्पॉटीफाई के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है। इसके 5.5 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। यही नहीं, महज 2 साल पहले आया एपल टीवी+ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा वीडियो सर्विस प्रदाता बन गया है।

इस सूची में नेटफ्लिक्स पहले, डिज्नी-हॉटस्टार दूसरे व अमेजन प्राइम तीसरे नंबर पर है। 191 अरब डॉलर (करीब 14 लाख करोड़ रु.) से भी ज्यादा कैश रखने वाली एपल चाहे तो प्रतिद्वंद्वियों को बहुत पीछे छोड़ सकती है। डेटा कंपनी पैरेट एनालिटिक्स की जूलिया एलेक्जेंडर कहती हैं कि मीडिया इंडस्ट्री में एपल बाकी प्रतिद्वंद्वियों की तरह नहीं खेल रही, क्योंकि उसका फोकस दूसरी इंडस्ट्रीज पर है और यहां सिर्फ सपोर्टिंग एक्टर की भूमिका चाहती है।

रिसर्च कंपनी एम्पियर एनालिसिस के मुताबिक, 2021 में एपल ने फिल्म और टीवी पर सिर्फ 2 अरब डॉलर खर्च किए। वहीं, अमेजन ने 9 अरब डॉलर व नेटफ्लिक्स ने 14 अरब डॉलर खर्च किए। एपल की धमक का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 2021 में पूरी दुनिया में रिकॉर्डेड म्यूजिक इंडस्ट्री ने 22 अरब डॉलर कमाए, जबकि एपल ने आईपैड से ही इससे ज्यादा कमा लिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *