चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में होना है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि देश में 5 राज्यों के 690 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव कराए जाएंगे। 18.34 करोड़ मतदाता चुनाव में हिस्सा लेंगे। कोरोना के बीच चुनाव कराने के लिए नया प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। चुनाव आयोग ने 92 पेज के डॉक्यूमेंट में 61 बार कोरोना का जिक्र किया।
मतदान केंद्र पर चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली व्यवस्था
- वोटिंग से एक दिन पहले मतदान केंद्र का अनिवार्य रूप से सैनिटाइज किया जाना अनिवार्य है।
- सभी मतदान केंद्र के एंट्री पॉइंट पर वोटर्स की थर्मल चेकिंग की जाएगी। ये काम पैरा मेडिकल स्टाफ या आशा वर्कर के द्वार किया जाएगा।
- हेल्प डेस्क द्वारा पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मतदाताओं को टोकन दिए जाएंगे। इससे वोटर्स को लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना होगा।
- वोटिंग लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्क लगाए जाएंगे।
- लाइन में वोटर्स को 2 गज (6 फीट) की दूरी का ध्यान रखना होगा। पुरुष, महिला और PwD/सीनियर सिटिजन के लिए 3 लाइन लगाई जाएंगी।
- वोटर्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने जैसी चीजों की कड़ी निकरानी के लिए BLOs और स्वयंसेवकों को लगाया जा सकता है।
- मतदान केंद्र के वेटिंग एरिया में पुरुष और महिला को अलग-अलग कुर्सियां, दरी जी जाएंगी। सभी को छाया मिले इसके लिए शेड्स लगाए जाएंगे।
- यदि कोई इलेक्टर फेस मास्क भूल जाता है तब उनके लिए रिजर्व मास्क रखे जाएंगे।
- जिस जगह की विजिबिलिटी ज्यादा होगी वहां पर कोविड पर अवेयर करने के लिए पोस्टर लगाए जाएंगे।
- यदि पोलिंग एजेंट या काउंटिंग एजेंट का तापमान निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उनके रिलीवर की अनुमति पीठासीन अधिकारी द्वारा दी जाएगी, जो उसका रिकॉर्ड रखेगा।
- मतदाता की पहचान की प्रक्रिया के दौरान आवश्यकता पड़ने पर उसे अपने चेहरे से मास्क हटाना पड़ सकता है।
- मतदाता को मतदाता रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने और EVM का बटन दबाने के लिए हाथ के दस्ताने उपलब्ध कराए जाएंगे।
- कोविड मरीज और क्वारंटाइन लोगों वोटिंग वाले दिन के आखिरी घंटे में अपने संबंधित मतदान केंद्रों पर वोटिंग कर पाएंगे। ये काम स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में किया जाएगा।
2021 विधानसभा चुनाव के दौरान के कोविड प्रोटोकॉल
- 26 फरवरी, 2021 को 5 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के विधानसभा चुनावों की घोषणा के दौरान आयोग ने कहा था कि उन सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा जो बिहार राज्य के विधानसभा चुनाव और 2020 में कई उप-चुनावों के दौरान किया गया था।
- राजनीतिक दलों और संबंधित उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी गतिविधियों के दौरान फेस मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग जैसी सभी कोविड-19 संबंधित आवश्यकताएं पूरी हों।
- सार्वजनिक संपर्क के दौरान निर्देशों का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 को लागू करने के अलावा कार्रवाई भी की जाएगी।
- आयोग ने मंच पर नेताओं द्वारा मास्क नहीं पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने में ढिलाई को गंभीरता से लिया था। आयोग ने कहा था कि कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले सभी उम्मीदवारों/स्टार प्रचारकों/राजनीतिक नेताओं की सार्वजनिक सभाओं, रैलियों आदि पर प्रतिबंध लगाने में संकोच नहीं करेगा।
- राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि राजनीतिक नेता/उम्मीदवार कोविड के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए अपने कर्तव्य का पालन करें। रैली और बैठकों में सभी समर्थकों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रेरित करें।
चुनाव आयोग के 3 ऐप एक्टिव रहेंगे
- Suvidha Candidate ऐप सक्रिय रहेगा। ये राजनीतिक दलों के लिए है। उन्हें किसी दफ्तर में जाकर रैली वगैरह के लिए इजाजत नहीं मांगनी होगी। वे इस ऐप के जरिए उपलब्धता देख सकेंगे।
- Cvigil ऐप से चुनाव के दौरान होने वाली गड़बड़ी की फोटो खींचकर या वीडियो बनाकर ऐप पर अपलोड किया जा सकेगा। 100 मिनट के अंदर चुनाव आयोग इस पर एक्शन लेगा।
- आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सभी उम्मीदवारों की जानकारी know your candidate ऐप पर मिलेगी।