अमर जवान ज्योति पर भड़की सियासी ज्वाला:

अमर जवान ज्योति पर भड़की सियासी ज्वाला:

नई दिल्ली के इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति को वॉर मेमोरियल में शिफ्ट किया जा रहा है। देश के विपक्षी दल इसे शहीदों का अपमान, इतिहास से छेड़छाड़ के तौर पर देख रहे हैं। दिन भर कई तरह के बयान भी सामने आए। इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी तंज कसते हुए अमर जवानों के मामले में सावरकर के माफीनामों का जिक्र, बिना उनका नाम लिए किया है।

ट्विटर पर CM ने लिखा- शहीद जवानों के बलिदान की निशानी मिटाने से, “माफीनामे” शौर्य चक्र में नहीं बदलेंगे। भूपेश बघेल के इस ट्वीट को चंद सेकेंड्स में ही सैंकड़ों लोगों ने रीट्वीट कर दिया। कई तरह के कमेंट इस पर भी आए। माफीनामों का जिक्र अक्सर कांग्रेस सावरकर के लिए करती है। अक्सर कई मंचों से भूपेश बघेल कहते रहे हैं- सावरकर ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, लेकिन जेल जाने के बाद अंग्रेजों को दर्जनों माफी पत्र लिखे और छूटने के बाद आजादी आंदोलन में शामिल नहीं हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके बताया कि अमर जवान ज्योति के पास 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हॉलोग्राम मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। यह मूर्ति तब तक रहेगी जब तक असली मूर्ति तैयार नहीं हो जाती।राहुल गांधी ने सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे दुख की बात बताया है। उन्होंने ट्वीट किया- बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा। कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं… हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!अमर जवान ज्योति पर जलने वाली ज्योत 1971 और अन्य युद्धों में शहीद होने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देती थी, लेकिन उनमें से किसी का नाम यहां नहीं लिखा था। केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों का यह दावा है कि इस ज्योत को बुझाया नहीं शिफ्ट किया जा रहा है।

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