दुनिया में बीते दिन 36.46 लाख नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। 17.18 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 9,047 लोगों की मौत हुई है। नए संक्रमितों के मामले में अमेरिका 7.79 लाख मरीजों के साथ टॉप पर है, जबकि 4 लाख नए मामलों के साथ फ्रांस दूसरे नंबर पर है। वहीं, 3.37 लाख नए मामलों के साथ भारत तीसरे नंबर पर है।
अमेरिका में 3,142 नई मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं, भारत में 488 लोगों की मौत हुई है। एक्टिव केस के मामले में अमेरिका टॉप पर है। पूरी दुनिया में 6.47 करोड़ एक्टिव केस हैं। इनमें से 2.63 करोड़ अकेले अमेरिका में हैं। अब तक करीब 34.69 करोड़ से ज्यादा लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 27.66 करोड़ ठीक हो चुके हैं। वहीं, 56.03 लाख ने जान गंवाई है।
इस बीच, शुक्रवार को WHO ने 5 से 11 साल के बच्चों को फाइजर वैक्सीन देने की सिफारिश की है। वैक्सीन का प्रभाव जानने के लिए WHO ने बुधवार को एक मीटिंग की। स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स ऑन इम्यूनाइजेशन (SAGE) की मीटिंग के बाद WHO ने सिफारिश करने का फैसला लिया।
दुनिया में अब तक कोरोना मामलों की स्थिति
कुल संक्रमित: 34.69 करोड़
ठीक हुए: 27.66 करोड़
एक्टिव केस: 64.73 करोड़
कुल मौतें: 56.03 लाख
ब्रिटेन ने शुक्रवार को ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.1 को वैरिएंट अंडर इन्वेस्टिगेशन घोषित किया है। यहां की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने बताया कि इस वैरिएंट की संक्रमण दर बहुत तेज है। संक्रमण के 4-5 गुना तेजी से फैलने की वजह BA.1 सब-वैरिएंट ही है। हालांकि, BA.2 सब-वैरिएंट की वजह से होने वाली संक्रमण दर BA.1 के मुकाबले कम है।
अमेरिका ने देश में डाक सेवा के जरिए फ्री कोविड टेस्ट किट की शिपिंग शुरु कर दी है। पिछले दिनों बाइडेन सरकार ने टेस्ट किट के रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट लॉन्च किया था। इसके बाद साइट पर लाखों लोगों ने रजिस्ट्रेशन किए।
ब्राजील ने चीनी कोरोना वैक्सीन सिनोवैक को लेकर अहम फैसला लिया है। यहां की हेल्थ मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को 6 से 17 साल के बच्चों को सिनोवैक वैक्सीन लगाने की मंजूरी दी। मंजूरी के बाद इस वैक्सीन को यहां के नेशनल वैक्सीनेशन अभियान में भी शामिल कर लिया गया।
सिनोवैक के प्रभाव के जांचने के लिए यहां की साउ पाउलो बुटानटान इंस्टीट्यूट में जांच किया गया। ब्राजील में पहले से ही फाइजर वैक्सीन को 6 से 12 साल के बच्चों के लिए मजूरी दी जा चुकी है।
कोरोना रोकने के लिए चीन सख्त कदम उठा रहा है, लेकिन इसके बाद भी संकट गहराता जा रहा है। बीजिंग समेत 30 प्रमुख शहरों में ओमिक्रॉन के लोकली ट्रांसमिटेड केस रजिस्टर किए गए हैं। चीन के 31 में से 7 प्रांतों में ओमिक्रॉन फैल चुका है। वायरस की बेलगाम रफ्तार को काबू करने के लिए चीन ने अपने बॉर्डर सील कर दिए। इसके बाद भी कुछ खास फायदा नहीं हुआ।
कोरोना वायरस पैंडेमिक की शुरुआत के करीब दो साल बाद पहली बार अंटार्कटिका के बर्फीले इलाके में एक अर्जेंटीनी रिसर्च बेस इसकी चपेट में आ गया है। इस रिसर्च बेस पर 45 साइंटिस्ट और सैन्यकर्मियों में से 24 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।
नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ अंटार्कटिक गवर्नमेंट की एक अधिकारी पैट्रिशिया ऑर्तुजार ने गुरुवार को बताया कि इनमें से 9 कर्मचारियों का अब तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ था। हालांकि इन सभी में किसी भी तरह के कोई लक्षण नहीं हैं। इन्हें रिसर्च बेस से हेलिकॉप्टर के जरिए ब्यूनस आयर्स वापस लाया गया है।