यूक्रेन मसले को लेकर यूरोप और रूस के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को चेतावनी दी है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद सबसे ज्यादा तबाही होगी। पश्चिमी देश इस तबाही को रोकने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं।
जॉनसन ने कहा- यूक्रेन के लोगों को अपने देश की रक्षा करने का नैतिक और कानूनी अधिकार है। मेरा मानना है कि यूक्रेनी एकजुट होकर किसी भी हमले का विरोध करेंगे। हालांकि, इस तबाही से किसी का फायदा नहीं होगा। रूस एक ऐसे देश को बर्बाद कर देगा जिसे स्लावों (स्लाव एक मानव जाति है) ने मिलकर बनाया है।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने मंगलवार को संसद में कहा- सरकार इस बात को मानती है कि यूक्रेनी सेना को हथियार और ट्रेनिंग की जरूरत है। एकजुटता दिखाने के लिए अगले हफ्ते लिज यूक्रेन का दौरा भी करेंगी।
कुछ वक्त पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन पर हमले की स्थिति में गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। जॉनसन का ये बयान रूसी सेना द्वारा फरवरी में आयरलैंड के समुद्री तट से 150 मील दूर समुद्री सैन्य अभ्यास करने के ऐलान के बाद आया है।
ब्रिटेन ने हाल के हफ्तों में यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर कई बयान दिए हैं। जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूरोपियन यूनियन को छोड़ने के बाद ब्रिटेन इंटरनेशनल पॉलिटिक्स का एक प्रमुख खिलाड़ी बनना चाहता है।
रूस के संभावित हमले से मुकाबले के लिए ब्रिटेन ने यूक्रेन को बड़ी संख्या में अत्याधुनिक एंटी टैंक मिसाइलें और एंग्लो-स्वीडिश एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलें सौंपी हैं। माना जा रहा है कि रूस की ओर से यूक्रेन की सीमा पर सबसे पहले टैंकों से हमले की आशंका है।
नाटो सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार रूस ने यूक्रेन सीमा पर अपने लाखों सैनिकों के साथ लगभग 8 हजार टैंक तैनात किए हुए हैं। रूस ने यूक्रेन सीमा पर 36 इस्कैन्डर मिसाइल लॉन्चर तैनात किए हुए हैं। इन मिसाइलों की रेंज लगभग 700 किमी है।