छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में गिरावट आ रही है। शनिवार को 43 हजार 887 सैंपल की जांच में 3 हजार 783 मरीज मिले। इसके साथ ही पॉजिटिविटी रेट गिरकर 8.62 प्रतिशत हो गई। इससे पहले यह लगातार 10 फीसदी से ऊपर ही चल रही थी। पिछले 24 घंटे के दौरान मौतों की संख्या में कमी नहीं आई। आज 15 मौत हुई। रायपुर में फिर प्रदेश में सबसे ज्यादा 623 मरीज मिले। यहां 3 मौतें हुई। सबसे ज्यादा मौत दुर्ग में हुई। यहां 5 लोगों की कोरोना से जान गई।
उधर इससे पहले दोपहर में प्रशासन ने एक आदेश जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ के सरकारी ऑफिस में अब 50 फीसदी कर्मचारी आएंगे। अब तक सिर्फ एक तिहाई कर्मचारी ही ऑफिस से काम कर रहे थे। सरकार ने मंत्रालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई थी, जो जारी रहेगी। इधर, छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर हर दिन गंभीर मरीजों की जान ले रही है। शुक्रवार को कोरोना से 11 मरीजों की मौत हुई। इसको मिलाकर तीसरी लहर के 34 दिनों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 212 हो गई है। इनमें से करीब 35% लोग ऐसे थे जिन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
पिछले डेढ़ सप्ताह से मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। गुरुवार को प्रदेश भर में 19 मरीजों की मौत दर्ज हुई थी। उससे पहले भी एक दिन 19 मरीजों की मौत हुई। इनमें रायपुर और दुर्ग के तीन-तीन मरीज थे। राजनांदगांव, बेमेतरा, बलौदा बाजार, गरियाबंद और कांकेर के भी एक-एक मरीज की जान गई। मौतों की यह ऊंची दर तब है जब संक्रमण की दर लगातार घट रही है। जांच कराने वालों और पॉजिटिव आने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज हो रही है।
प्रदेश में संक्रमण दर 10% से नीचे पहुंच गई है। शुक्रवार को संक्रमण दर 8.24% थी। विशेषज्ञों का कहना है कि मौत के आंकड़ों में बड़ी संख्या उन मरीजों की है जो किसी दूसरी बीमारी या दुर्घटना की वजह से अस्पताल पहुंचे। वहां एडमिशन से पहले उनका कोरोना टेस्ट हुआ तो वे पॉजिटिव पाए गए। उसके बाद उन्हें कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर पहली इलाज किया जाता रहा। केवल कोरोना की वजह से गंभीर रूप से बीमार हुए लोगों की संख्या कम है। बताया जा रहा है, इनमें भी अधिकतर वे लोग हैं, जिन्होंने कोरोना के लक्षणों के बाद भी जांच और इलाज शुरू करने में देरी की। स्थिति गंभीर होने पर वे अस्पताल पहुंचे जहां पता चला कि उन्हें कोरोना है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया, शुक्रवार को प्रदेश भर में 3 हजार 919 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे अधिक 854 केस रायपुर में ही आए हैं। इस दौरान प्रदेश भर में 5 हजार 75 मरीज ठीक हो गए। इनमें से 275 को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया है। सक्रिय मरीजों की संख्या भी घटकर 26 हजार 123 रह गई है।
प्रदेश स्तर पर संक्रमण दर में कमी के बाद भी जिलों के स्तर पर संक्रमण में बड़ी कमी नहीं आई है। इक्का-दुक्का जिले ही ऐसे हैं जहां संक्रमण दर कम्यूनिटी स्प्रेड की सीमा रेखा 4% से कम है। इनमें गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, बालोद, बलरामपुर और बीजापुर जिले बताए जा रहे हैं। धमतरी, जशपुर, दुर्ग, रायपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और कांकेर जैसे जिलों में संक्रमण दर 20% से अधिक बना हुआ है।