फिर कर्ज मांगने चीन जाएंगे इमरान:पाकिस्तानी पीएम का 3 फरवरी को है दौरा

फिर कर्ज मांगने चीन जाएंगे इमरान:पाकिस्तानी पीएम का 3 फरवरी को है दौरा

कर्ज पर पल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। सऊदी अरब से बेहद सख्त शर्तों पर 3 अरब का कैश रिजर्व हासिल करने के बाद अब इमरान खान 3 फरवरी को चीन दौरे पर जा रहे हैं। कहने को उनकी विजिट बीजिंग में 4 फरवरी से शुरू होने जा रहे विंटर ओलिंपिक्स की इनॉगरेशन सेरेमनी के लिए हैं, लेकिन असली मकसद यहां भी कर्ज हासिल करना है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इमरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 3 अरब डॉलर का कर्ज मांगने जा रहे हैं।

पाकिस्तान के अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में रविवार को पब्लिश एक स्पेशल रिपोर्ट ने इमरान के चीन दौरे की असलियत उजागर कर दी है। इसके मुताबिक, इमरान के साथ 6 मंत्री भी चीन जा रहे हैं। उनका यह दौरा 3 फरवरी से शुरू होगा। मजे की बात यह है कि अब तक यह साफ नहीं है कि इमरान और शी जिनपिंग की मुलाकात होगी या नहीं। इसकी वजह यह है कि चीन ने अब तक आमने-सामने की मुलाकात को मंजूरी नहीं दी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इमरान चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में ही कर्ज देने की अपील की जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में सत्ता में आने के बाद इमरान सरकार चीन से 11 अरब डॉलर का लोन ले चुकी है। इसका सिर्फ ब्याज दिया जा रहा है, असल रकम अब तक वापस नहीं की गई है। इसमें से 4 अरब डॉलर फॉरेन रिजर्व के तौर पर पाकिस्तानी बैंकों में जमा हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान इस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर सकता। अब दिक्कत ये है कि खुद पाकिस्तानी अफसरों और विदेश मंत्रालय को यह यकीन नहीं है कि चीन 3 अरब डॉलर का लोन और देगा। इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में सियासी उठापटक चल रही है और आशंका ये है कि मार्च तक यहां सरकार गिर सकती है। अगर ऐसा होता है तो नई सरकार का क्या रुख होगा? क्या वो अमेरिकी इशारे पर चलेगी या चीन की बात मानेगी? इसे लेकर चीन भी सतर्क है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास अभी सिर्फ 16.1 अरब डॉलर का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व है। इसे तकनीकी तौर पर फॉरेक्स रिजर्व कहा जाता है। खास बात यह है कि इसमें चीन, सऊदी अरब और यूएई का पैसा है। ये किसी भी वक्त इसे निकाल सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को दिवालिया होने में देर नहीं लगेगी। सऊदी अरब ने तो 24 घंटे के अंदर लोन वापसी की शर्त रखी है।

पाकिस्तान की परेशानी यह भी है कि चीन सरकार उससे चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपैक) को लेकर सख्त नाराज है। सीपैक पर काम दो साल से बंद है। इमरान चीन को भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे कि सीपैक पर काम फिर से शुरू किया जाएगा। पिछले साल दासू डेम प्रोजेक्ट में भी चीन के 9 इंजीनियर मारे गए थे और इसके लिए पाकिस्तान को मुआवजा देना पड़ा था।

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