आर्थिक आपातकाल से गुजर रही श्रीलंका सरकार को पाकिस्तान ने 20 करोड़ डॉलर कर्ज देने का ऐलान किया है। यह पैसा श्रीलंका में चावल और सीमेंट फैक्ट्री लगाने के लिए दिया जाएगा। श्रीलंका सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है। श्रीलंका में नवंबर 2021 से ही आर्थिक आपातकाल लागू है।
वैसे इमरान सरकार की यह पहल किसी को हजम नहीं हो रही। वजह भी साफ है। खुद पाकिस्तान पर करीब अरबों डॉलर का कर्ज है। 6 महीने नाक रगड़ने के बाद बुधवार को ही IMF ने उसे 1 अरब डॉलर का कर्ज देने का भरोसा दिलाया है। इमरान खुद चीन यात्रा पर हैं और उससे 3 अरब डॉलर का लोन मांग रहे हैं। दिसंबर में उन्होंने सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर का कैश रिजर्व हासिल किया था।श्रीलंका को कर्ज देने वाली पाकिस्तान की सरकार खुद कर्ज में डूबी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान पर घरेलू और विदेशी कर्ज 50 हजार अरब रुपए से भी ज्यादा का है। पिछले साल वर्ल्ड बैंक की संस्था IMF ने पाकिस्तान को कर्ज को लेकर चेतावनी भी दी थी।इतना ही नहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अभी चीन दौरे पर हैं। खान के इस दौरे का मकसद चीन से 3 अरब डॉलर का कर्ज लेना है, जिसे कई सेक्टर्स में निवेश करने की प्लानिंग है। वहीं पाकिस्तान सरकार ने कोरोना को वजह बताते हुए IMF से भी कर्ज देने की गुहार लगाई है।
पहले कर्ज देने वाले पाकिस्तान की बात करते हैं। पाकिस्तान अब तक चीन से करीब 11 अरब डॉलर का कर्ज ले चुका है। चीन ने पैसे देने के साथ ही पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भारी निवेश भी किया है।वहीं बात श्रीलंका की करें, तो श्रीलंका को अगले 12 महीने में 7.3 अरब डॉलर का घरेलू और विदेशी कर्ज चुकाना है, जिसमें लगभग 68% हिस्सा, यानी करीब 5 अरब डॉलर चीन को देना है। श्रीलंका सरकार ने आर्थिक आपातकाल लागू करते वक्त घोषणा की थी कि किसी भी देश से कर्ज नहीं लिया जाएगा।श्रीलंका की आधी से अधिक आबादी पर्यटन पर निर्भर है। कोरोना और लॉकडाउन की वजह से पर्यटन सेक्टर ठप हो गया, जिसे वहां की सरकार संभालने में नाकाम रही। इसके अलावा 2021 के शुरुआती महीनों में उर्वरक पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसका नतीजा ये हुआ कि किसानों ने डर से फसलों का उत्पादन रोक दिया। फसल नहीं होने से वहां महंगाई चरम पर है।