राजस्थान की बेटी ने CA फाइनल एग्जाम में टॉप:

राजस्थान की बेटी ने CA फाइनल एग्जाम में टॉप:

झुंझुनूं की बेटी राधिका ने CA फाइनल परीक्षा को देश में टॉप किया है। रिजल्ट की घोषणा 10 फरवरी को हुई थी। मुकुंदगढ़ में जन्मी राधिका बेरीवाला ने 800 में से 640 अंक (80%) हासिल किए हैं। राधिका की पूरी पढ़ाई सूरत में हुई है।

खास बात ये है कि राधिका का पूरा परिवार ही मेरिट लिस्ट वाला है। सूरत में व्यवसाय करने वाले उसके पिता चौथमल भी राजस्थान बोर्ड की मेरिट में जगह बना चुके हैं। पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने झुंझुनूं आई राधिका से दैनिक भास्कर ने बात की।

राधिका ने कहा- हार्ड वर्किंग का कोई शॉर्टकट नहीं होता। परीक्षा के लिए पूरी मेहनत की। परिजनों का सहयोग रहा। बेटियों को मौका दिया जाए तो वे चांद पर भी जा सकती हैं। राधिका ने बताया कि सफल होने का भरोसा था, लेकिन देश में टॉप आऊंगी, ये नहीं सोचा था। राधिका का रिजल्ट आया, तो घर में शादी का माहौल था। इससे बेटी की सफलता पर खुशी चौगुनी हो गई।

दसवीं में राधिका के 10 CGPA तथा बारहवीं में 96.40 फीसदी अंक आए थे। उसने CBSE से पढ़ाई की। उसके छोटे भाई प्रियांशु ने भी गुरुवार को ही CA फाउंडेशन प्रथम लेवल परीक्षा उत्तीर्ण की है। पिता चौथमल व मां आशा ने बताया कि झुंझुनूं में वे सपरिवार शादी में आए हैं। बेटी ने जो नाम कमाया है, उसे जीवन भर नही भूल सकते। शादी के बीच बेटी के परिणाम ने आंखों में खुशियों के आंसू ला दिए।राधिका के पिता चौथमल खुद भी राजस्थान बोर्ड के टॉपर रह चुके हैं। वे 10वीं में स्टेट मेरिट में सातवें तथा 12वीं कॉमर्स में स्टेट मेरिट में चौथे स्थान पर थे। उनका सपना था कि वे IAS बनें, पर ऐसा हो न सका। उन्होंने सूरत में बिजनेस कर लिया। यह पहला मौका है, जब CA की परीक्षा में जिले के किसी छात्र ने यह सफलता प्राप्त की है। CA में फर्स्ट रैंक लाने वाली राधिका का जन्म मुकुंदगढ़ में हुआ। जब वह एक साल की थी, तो परिवार सूरत शिफ्ट हो गया। कुछ दिन पहले ही राधिका झुंझुनूं में मामा के घर शादी में आई है।

राधिका ने अपने स्टडी के तरीके पर बात करते हुए कहा कि क्लास में जो पढ़ाया गया, उसे उसी दिन पूरा किया। काम को पेंडिंग नहीं रखा। परीक्षा और परिणाम को लेकर कभी कोई तनाव नहीं रखा। तनाव से दिमागी ताकत आधी हो जाती है। दिमागी सुकून के लिए गाने सुनती थी। मूवी देखती थी और परिवार में सबसे मिलती थी। पढ़ाई के समय मैंने केवल पढ़ाई पर ही फोकस किया। सभी सब्जेक्ट्स को बराबर महत्व दिया। आज इस सफलता से मैं और मेरा पूरा परिवार बेहद खुश है।

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