बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही आंतरिक विवादों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अपने शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम आवास पर हुई बैठक में ममता ने 20 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा की। इस समिति में अभिषेक बनर्जी, अमित मित्रा, पार्थ चटर्जी, सुदीप बनर्जी को शामिल किया गया है। जबकि सांसद डेरेक ओ ब्रायन और सौगत रॉय कथित तौर पर नई समिति से बाहर रखा गया है।
बैठक में केवल छह वरिष्ठ नेताओं को ही बुलाया गया था। जिसमें राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, महासचिव पार्थ चटर्जी, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुब्रत बख्शी और मंत्रियों फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और चंद्रिमा भट्टाचार्य बैठक में शामिल हुए। बैठक में टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने जानकारी दी कि पार्टी प्रमुख ममता ने 20 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा की।
माना जा रहा है कि ममता की इस बैठक का मकसद पार्टी में नए और पुराने नेताओं के बीच मतभेदों को दूर करना है।
टीएमसी में कलह शुक्रवार को तब बढ़ गई जब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने ‘एक व्यक्ति एक पद’ की खुलकर वकालत की, जिसके अनुसार पार्टी के एक सदस्य को एक पद पर रहना चाहिए। वहीं, इसे लेकर पार्टी के पुराने नेताओं के एक वर्ग ने इस कदम को पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया।
‘एक व्यक्ति, एक पद’ की योजना अभिषेक बनर्जी की बताई जा रही है जो उन्होंने I-PAC की मदद से तैयार की है। यह अभिषेक बनर्जी के पार्टी को आंतरिक रूप से पुनर्गठित करने के प्रयासों का हिस्सा रही है। लेकिन इसको लेकर पार्टी के पुराने साथी सहज नहीं हैं।
पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल की 108 नगरपालिकाओं में होने जा रहे चुनावों से पहले टीएमसी उम्मीदवारों की दो-दो लिस्ट जारी की हुईं थीं। इसके बाद टीएमसी और I-PAC के संबंधों में दरार आ गई। बताया ये भी जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के प्रचार अभियान में मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश जाने को लेकर ममता बनर्जी और भतीजे अभिषेक के बीच अनबन के संकेत हैं।
ममता सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रशांत किशोर की टीम I-PAC पर बड़ा आरोप लगाया था कि उनके बिना जानकारी के उनके सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ ट्वीट किए गए हैं।
भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा कि चुनाव से पहले I-PAC द्वारा मेरे नाम से एक ट्विटर अकाउंट बनाया गया था। इसके बाद कंपनी ने मेरी जानकारी के बिना ‘एक व्यक्ति एक पद’ के बारे में कुछ पोस्ट किया। मैं इसका कड़ा विरोध करती हूं।इस पर I-PAC ने जवाब देते हुए लिखा, ‘I-PAC तृणमूल कांग्रेस या उसके किसी भी नेता की किसी भी डिजिटल प्रॉपर्टी को नहीं संभालता है। ऐसा दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति या तो बेखबर है या स्पष्ट रूप से झूठ बोल रहा है। पार्टी को यह देखना चाहिए कि क्या और कैसे उनकी डिजिटल प्रॉपर्टी या उनके नेताओं का कथित रूप से (गलत) इस्तेमाल किया जा रहा है।’