ऑस्ट्रेलियाई राजधानी में हजारों लोगों ने कोरोना वैक्सीन को अनिवार्य बनाए जाने का विरोध किया। कैनबरा में 10,000 से अधिक लोगों ने संघीय, राज्य और क्षेत्रीय सरकारों से COVID-19 टीकाकरण अनिवार्य करने वाले सभी स्वास्थ्य आदेशों को तुरंत खत्म करने की मांग की। लोगों ने कैनबरा की सड़कों को पूरी तरह से जाम कर दिया। साथ ही मार्च निकालकर नारेबाजी की। पुलिस ने कहा कि 10,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक ढंग से विरोध प्रदर्शन किया।पुलिस ने बताया कि शनिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, लगभग 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में बैरिकेड तोड़कर घुसने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने कैनबरा के एग्जिबिशन पार्क में डेरा डाले हुए प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि उनके पास रविवार तक का समय है कि वे साइट छोड़ दें, अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
शनिवार को PM स्कॉट मॉरिसन ने संवाददाताओं से कहा था कि प्रदर्शनकारी उन चीजों के लिए आवाज उठा रहे हैं जिन्हें वे महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कॉमनवेल्थ सरकार ने केवल उन जनादेशों का समर्थन किया है जो वृद्ध श्रमिकों, विकलांग श्रमिकों और स्वास्थ्य प्रणाली में उच्च जोखिम वाली स्थितियों में काम करने वालों से संबंधित हैं। अन्य सभी आदेश जो टीकों से संबंधित हैं, राज्य सरकारों ने एकतरफा रूप से लागू किए हैं।मौजूदा सरकार के कई अधिकारी भी इस रैली में शामिल हो गए हैं। इसे देखते हुए विपक्षी लेबर पार्टी ने रविवार को प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। लेबर पार्टी की प्रवक्ता क्रिस्टीना केनेली ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री को प्रदर्शन कर रहे हिंसक चरमपंथियों की निंदा करनी चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऑस्ट्रेलियाई लोकतंत्र में ऐसे विरोधों का कोई स्थान नहीं है।ऑस्ट्रेलिया में रविवार सुबह 20,000 से अधिक नए कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गए। वहीं, 45 लोगों की मौत हुई, जिसमें से न्यू साउथ वेल्स में 22, विक्टोरिया में 18, क्वींसलैंड में चार और उत्तरी क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई।