कर्नाटक में हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट में बुधवार को फिर से सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की बेंच इस मामले की सुनवाई दोपहर 2.30 बजे से करेगी। इधर, राज्य सरकार ने आज से 11-12वीं के स्कूल और कॉलेज खोले जाने की हरी झंडी दे दी है। 10वीं तक के स्कूल सोमवार से खुल चुके हैं।कर्नाटक हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील देवदत्त कामत ने भारत के संविधान का कन्नड़ में आधिकारिक अनुवाद बेंच के सामने रखा। कामत ने कहा कि संविधान का कन्नड़ अनुवाद हर प्रावधान में सार्वजनिक व्यवस्था के लिए उसी शब्द का उपयोग करता है जैसा कि सरकारी आदेश में किया जाता है। इस पर बेंच ने कहा कि हम सरकारी आदेश की व्याख्या कर रहे हैं, उसके लिए इस्तेमाल किए शब्दों की नहीं।
कामत ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि यह मामला मार्च के बाद सुना जाए, नहीं तो इससे चुनाव में पॉलिटिकल पार्टी फायदा लेने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने उनकी बात को खारिज करते हुए कहा कि यह चुनाव आयोग से जुड़ा मामला है हमसे जुड़ा नहीं।हाईकोर्ट में सुनावाई के दौरान वकील मोहम्मद ताहिर ने कहा कि आपके अंतरिम आदेश के बाद अधिकारी जबर्दस्ती हिजाब उतरवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुलबर्गा में सरकारी अधिकारी एक उर्दू स्कूल में गए और शिक्षकों और छात्रों को हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले को देखेंगे।
हिजाब को लेकर विवाद सबसे पहले कर्नाटक के उडुपी जिले में शुरू हुआ था। 31 दिसंबर को उडुपी के सरकारी कॉलेज, गवर्नमेंट गर्ल्स प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज (सीनियर सेकेंड्री स्कूल) की 6 मुस्लिम छात्राओं ने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें हिजाब पहने हुए छात्राएं क्लास के बाहर बेंच पर बैठकर पढ़ रही थीं। ये तस्वीर तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने हिजाब पहनने पर बैन लगा दिया, जिसके बाद वहां प्रोटेस्ट होने लगा।