छत्तीसगढ़ में अगले साल स्वामी आत्मानंद के नाम से 32 हिंदी स्कूलों में अंग्रेजी स्कूलों वाली सुविधा

छत्तीसगढ़ में अगले साल स्वामी आत्मानंद के नाम से 32 हिंदी स्कूलों में अंग्रेजी स्कूलों वाली सुविधा

छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद के नाम पर हिंदी स्कूलों में भी अंग्रेजी स्कूलों जैसी सुविधाएं जुटाने की योजना है। सरकार अगले शिक्षा सत्र से ऐसे 32 स्कूल शुरू करने जा रही है। इन स्कूलों में केवल हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था होगी।

अधिकारियों ने बताया, प्रदेश में एक साल पहले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए गए थे। पालकों और जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग पर अब तक 171 अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए जा चुके हैं। ये स्कूल जिला मुख्यालयों के अलावा विकासखण्ड स्तर पर प्रारंभ किए गए हैं। वर्तमान में इन विद्यालयों में 74 हजार अंग्रेजी माध्यम तथा 60 हजार हिन्दी माध्यम के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में दोनों ही माध्यम के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा रही है। इस बीच लगातार हिंदी माध्यम के ऐसे स्कूल शुरू करने की मांग आ रही थी। ऐसे में फैसला हुआ है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर प्रत्येक जिले में कम से कम एक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल खोला जाए। यहां केवल हिन्दी माध्यम के ही विद्यार्थियों के लिए सर्वसुविधायुक्त शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था होगी। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए जाने की योजना है। अगले शिक्षा सत्र तक प्रदेश में जिलों की संख्या भी 32 हो जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐसे स्कूल शुरू करने की घोषणा पिछले साल ही की थी।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए इन स्कूलों को नए सिरे से तैयार किया गया है। यहां बेहतर लैब, लाईब्रेरी, अच्छे फर्नीचर, खेल सुविधाओं सहित विभिन्न इंतजाम किए गए हैं। यहां अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों की अलग से व्यवस्था की गई है।

सरकार ने जिला और ब्लॉक मुख्यालयों के प्रमुख स्कूलों को ही मरम्मत और सुधार के बाद अंग्रेजी माध्यम बना दिया। तब तक इन स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम हिंदी ही था। वहां पढ़ रहे बच्चों को वहां से नहीं हटाया गया। बल्कि हिंदी माध्यम चुनने वालों के लिए अलग से व्यवस्था बना दी गई। सरकार का कहना है, रायपुर जिले के अरुन्धति देवी उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, आरंग में हिन्दी माध्यम के 439 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रदेश भर में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 60हजार बताई जा रही है।

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