नेपाल में भारत के UPI की एंट्री हो गई है। नेपाल के लोग भी जल्द ही UPI तकनीक के जरिए भुगतान कर सकेंगे। साथ ही नेपाल, भारत के अलावा यूपीआई प्रणाली को अपनाने वाला पहला देश बन गया है।
NPCI की इंटरनेशनल शाखा इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने नेपाल में सेवाएं देने के लिए गेटवे पेमेंट्स सर्विस और मनम इन्फोटेक के साथ हाथ मिलाया है। बता दें कि GPS नेपाल में ऑथराइज्ड पेमेंट सिस्टम ओपरेटर है। अब मनम इन्फोटेक नेपाल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लागू करेगी।
NPCI ने बताया कि इस पहल से नेपाल में लोगों के लिए सुविधा बढ़ेगी साथ ही डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि भारत के बाद नेपाल पहला देश होगा, जो डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और नकद लेनदेन को कम करने के लिए UPI को अपना रहा है।
NIPL के सीईओ रितेश शुक्ला ने कहा हमें विश्वास है कि यह पहल NIPL की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर अपनी पेशकश को बढ़ाने में मददगार होगी। बता दें कि इस डिजिटल लेनदेन से भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। 2021 में UPI के जरिए 3,900 करोड़ का लेनदेन किया गया, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 31 प्रतिशत के बराबर है।UPI एक बैंकिंग सिस्टम है, इसकी मदद से पेमेंट ऐप पर पैसों के लेन-देन होता है। यह ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो कई बैंक अकाउंट को एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए रकम ट्रांसफर करने की इजाजत देता है। इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है। वहीं इसका नियंत्रण रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन के पास है।
यूजर को और बेहतर सुविधा देने के लिए NPCI यूपीआई लाइट (UPI Light) पर काम कर रहा है। इसकी मदद से यूजर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी पेमेंट कर सकेगा। कहा जा रहा है कि इसका फायदा गांव में रहने वाले करोड़ों लोगों को होगा, जहां इंटरनेट कनेक्शन अच्छा नहीं होता।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पहले यूपीआई लाइट का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपए से कम के पेमेंट्स के लिए होगा। RBI पहले ही 5 जनवरी को बिना इंटरनेट कनेक्शन के 200 रुपए तक के डिजिटल पेमेंट्स की अनुमति दे चुका है।