ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने यूक्रेन और रूस के बीच बने जंग के हालात पर चिंता जाहिर की है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूरोप में दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- ‘रूस 1945 के बाद से यूरोप में सबसे बड़े युद्ध की योजना बना रहा है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पुतिन की योजना अब कुछ हद तक शुरू हो गई है। रूस इस तरीके का हमला करना चाहता है, जिससे वो यूक्रेन की राजधानी कीव को घेर ले। लोगों को यह समझने की जरूरत है कि इसके लिए कितनी बड़ी इंसानी कीमत चुकानी पड़ सकती है।’
बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस ना केवल नॉर्वे के शहर डोंबास की सीमा की तरफ से हमला करेगा, बल्कि वह बेलारूस की तरफ से भी आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अंदेशा जताया है कि रूस बेलारूस की तरफ से राजधानी कीव को घेरने की कोशिश करेगा। बेलारूस के इलाके से कीव की दूरी कम है।यूक्रेन-रूस तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बैठक करके संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया है। जेलेंस्की ने कहा, मैं नहीं जानता कि रूस के राष्ट्रपति क्या चाहते हैं। इसलिए, मैं उन्हें मुलाकात का प्रस्ताव देता हूं।जेलेंस्की ने कहा कि रूस बातचीत के लिए जगह का चयन कर सकता है। उन्होंने कहा, संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए यूक्रेन केवल कूटनीति के रास्ते पर चलता रहेगा। जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर रूस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।रूस समर्थक अलगाववादी गुट भी यूक्रेन में धमाके कर रहे हैं। इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने पश्चिम के नेताओं को रूस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने पूछा, आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं? रूस समर्थित विद्रोहियों ने पूर्वी यूक्रेन में गोलाबारी तेज कर दी है।
युद्ध के हालात के बीच यूक्रेन बॉर्डर पर रूस ने शक्ति प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान रूस ने अपनी तीन नई न्यूक्लियर मिसाइलों को लॉन्च किया। इनमें से एक मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड वाली है, जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को मात दे सकती है। रूस की शेष दो मिसाइलें एयर लॉन्च और सी बेस्ड (समुद्री पोत) हैं।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी क्रेमलिन वॉररूम से वॉरगेम देख रहे हैं। अमेरिका के हालिया अनुमानों के मुताबिक यूक्रेन के बॉर्डर पर रूस ने 1.70 लाख से 1.90 लाख सैनिकों की तक तैनाती की है। यह सारी तैनाती रूस और उसके पड़ोसी बेलारूस में की गई है। इन आंकड़ों में पूर्वी यूक्रेन में शामिल विद्रोही भी शामिल हैं।