छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पिछले दिनों वकीलों और तहसीलदारों के बीच हुए विवाद के बाद रायगढ़ तहसीलदार सुनील कुमार अग्रवाल का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें ट्रांसफर कर धरमजयगढ़ भेजा गया है। उनकी जगह पर धरमजयगढ़ तहसीलदार भोज कुमार डहरिया को रायगढ़ तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई है। इस संबंध में रायगढ़ कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
10 दिन पहले हुए दोनों पक्षों के विवाद के बाद तहसीलदारों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। मगर राजस्व कोर्ट को सुरक्षा दिए जाने के बाद तहसीलदारों ने हड़ताल शुक्रवार को स्थगित कर दी। लेकिन वकीलों का भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछले 5 दिनों से धरना जारी है। वकीलों का आरोप है कि राज्यभर के राजस्व कोर्ट में भारी भ्रष्टाचार है। इसलिए राजस्व कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। इस बीच बीजेपी ने भी वकीलों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है।पूरा विवाद 10 दिन पहले हुए वकीलों और राजस्व कर्मचारियों के बीच मारपीट से जुड़ा है। वकीलों ने उस दौरान आरोप लगाया था कि तहसीलदार सुनील कुमार अग्रवाल ने उनके साथ बदसलूकी की है। जिसके चलते ये पूरा विवाद हुआ। घटना के बाद से राज्यभर के तहसीलदार आंदोलन पर चले गए थे। वहीं वकीलों ने भी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मारपीट के आरोप में कुछ वकीलों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।
सोमवार को पूर्व IAS अधिकारी और बीजेपी नेता ओपी चौधरी और कुछ अन्य नेताओं ने वकीलों से मुलाकात की। अंबेडकर चौक में चल रहे आंदोलन में मुलाकात के बाद बीजेपी नेताओं ने वकीलों के आंदोलन का समर्थन कर दिया। ओपी चौधरी ने वकीलों से कहा कि इस आंदोलन में हम आपके साथ हैं।इधर, सोमवार को भी कलेक्टर ने वकीलों को मिलने के लिए बुलाया है। इससे पहले कलेक्टर ने वकीलों को रविवार को भी बुलाया था। मगर वकीलों ने कलेक्टर से मुलाकात नहीं की। अब सोमवार को वकील एक बैठक करने वाले हैं। जिसमें कलेक्टर से मुलाकात करनी है या नहीं। इस पर फैसला लिया जाएगा।रविवार को अधिवक्ताओं ने कहा था कि राज्य के राजस्व कोर्ट में भारी भ्रष्टाचार है। यह स्थिति केवल रायगढ़ राजस्व कोर्ट की नहीं बल्कि सभी जगह है। आरोप लगाया कि वहां बोलियां लगती हैं और फैसले बेचे जाते हैं। लोगों की भावनाओं, न्याय और फैसलों की खरीदी-बिक्री होती है। इन स्थितियों में इन कोर्ट का अधिवक्ता लगातार बहिष्कार करेंगे। वकीलों ने कलेक्टर से मिलने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि पहले गिरफ्तार वकीलों को रिहा किया जाए तब बात होगी। वकीलों ने रविवार को पूरे घटनाक्रम के विरोध में रैली निकाली थी।