भारत ने यूक्रेन में फंसे छात्रों समेत अपने नागरिकों को वहां से निकालने के लिए एअर इंडिया की दो स्पेशल फ्लाइट्स भेजने का फैसला किया है। दोनों फ्लाइट्स शुक्रवार रात को रवाना होंगी। यूक्रेन का एयर स्पेस सिविल एयरक्राफ्ट्स के लिए बंद होने की वजह से सरकार अब यूक्रेन के पड़ोसी देशों पोलैंड, रोमानिया और हंगरी के जरिए इस ऑपरेशन को अंजाम देगी।यूक्रेन की राजधानी कीव से इन तीनों ही देशों के बॉर्डर की दूरी 500 किलोमीटर से ज्यादा है। पोलैंड बॉर्डर पर स्थित शेहनी-मेद्यका चेकपोस्ट कीव से 623 किमी की दूरी पर है। वहीं, हंगरी बॉर्डर पर मौजूद उझोरोड चेकपोस्ट कीव से 793 किमी की दूरी पर है। इनके अलावा, रोमानिया बॉर्डर पर स्थित चेरनीवित्सी चेकपोस्ट की कीव से दूरी 530 किमी है।केंद्र की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि नागरिकों को भारत वापस लाने का खर्च भारत सरकार उठाएगी। इस एडवाइजरी के बाद भारतीय छात्रों को पोलैंड, रोमानिया और हंगरी के बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है।
यूक्रेन, पोलैंड और रोमानिया में स्थित भारतीय एम्बेसी ने स्टूडेंट्स को अपना पासपोर्ट और कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट साथ लाने को कहा है। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग चेकपोस्ट पर पहुंचने के बारे में निर्देश भी दिए गए हैं।एंबेसी की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जो छात्र पोलैंड होते हुए भारत लौटना चाहते हैं, उन्हें शेहनी-मेद्यका चेकपोस्ट पर रिपोर्ट करना होगा। यह जगह कीव से 623 किमी की दूरी पर है। इसके मायने यह हैं कि कीव में रहने वाले स्टूडेंट्स को यहां तक पहुंचने में कम से कम छह से सात घंटे का समय लगेगा।हंगरी से भारत लौटने वाले स्टूडेंट्स को उझोरोड चेकपोस्ट पर रिपोर्ट करना होगा। यह जगह कीव से 793 किमी की दूरी पर है। इसके मायने यह हैं कि कीव से यहां तक पहुंचने के लिए स्टूडेंट्स को पूरे दिन या पूरी रात सफर करना हरोमानिया के रास्ते भारत लौटने वाले स्टूडेंट्स को चेरनीवित्सी चेकपोस्ट पहुंचने को कहा गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव से यह जगह करीब 530 किमी की दूरी पर है। तीनों बॉर्डर में यह कीव से सबसे ज्यादा नजदीक है।