रूस Vs यूक्रेन:रूस की एटमी यूनिट ने हमले की तैयारियां शुरू कीं

रूस Vs यूक्रेन:रूस की एटमी यूनिट ने हमले की तैयारियां शुरू कीं

यूक्रेन पर 16 घंटे में कब्जा करने का सपना तबाह होते देख अब व्लादिमिर पुतिन ने न्युक्लियर हथियारों के इस्तेमाल का खौफनाक प्लान बनाया है। रूस की मीडिया एजेंसी ‘स्पूतनिक’ ने इसकी पुष्टि कर दी है। न्युक्लियर कमांड वाली यूनिट की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और इन्हें हमले की तैयारी करने के आदेश दिए गए हैं। डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइग्यू ने सोमवार दोपहर राष्ट्रपति पुतिन को हमले के प्लान के बारे में पूरी जानकारी दी। तमाम न्यूक्लियर मिसाइलें फायरिंग मोड पर ला दी गई हैं। स्टाफ को स्टैंडबाय पर रहने को कहा गया है।

पुतिन ने रविवार को हमले के चौथे दिन एक रिव्यू मीटिंग की थी। इस दौरान आर्मी जनरल्स ने उन्हें बताया था कि यूक्रेन की तरफ से रूस को सख्त जवाब मिल रहा है। रूस का प्लान था कि इतनी ताकत से और तीन तरफ से यूक्रेन पर हमला किया जाए कि 12 से 16 घंटे में कीव और देश के बाकी हिस्सों पर रूसी फौज का कंट्रोल हो जाए। हालांकि, यह प्लान तब नाकाम हो गया जब यूक्रेनी सेना ने हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया।

इसके बाद पुतिन ने न्यूक्लियर डिटेरेंस फोर्स की मीटिंग की और उसे हाईअलर्ट पर रहने को कहा। चंद घंटे बाद ही रविवार देर रात न्युक्लियर कमांड सेंटर में एक अहम मीटिंग हुई। इसमें हमले की तैयारियों का जायजा लिया गया। सोमवार सुबह इस यूनिट को स्टैंडबाय पर रहने और ड्रिल करने के आदेश जारी कर दिए गए।अमेरिका और नाटो इस हरकत पर पैनी नजर रख रहे हैं। ब्रिटेन की इंटेलिजेंस यूनिट ने रविवार देर रात इमरजेंसी प्लान पर डिस्कस भी किया। अमेरिका ने इसे एक और भड़काने वाला कदम बताया है। ब्रिटेन की फॉरेन मिनिस्टर लिज ट्रूस ने कहा- पुतिन कुछ भी कर लें, वो यूक्रेन को रोक नहीं पाएंगे।
इस बीच, रूस की ग्राउंड, एयर और नेवी फोर्स ने यूक्रेन के शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं। दूसरी तरफ, यूक्रेन को यूरोप और अमेरिका से काफी तेजी से सैन्य मदद मिल रही है और ये रूसी फौज की मुश्किलें बढ़ा रही है।सोमवार दोपहर पुतिन ने डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइग्यू से मुलाकात की। इस मुलाकात में न्युक्लियर कमांड यूनिट की तैयारियों और स्पेशल कॉम्बेट मोड पर विचार हुआ। डिफेंस मिनिस्टर ने पुतिन को बताया कि कैसे और कहां न्युक्लियर हमला किया जा सकता है। पुतिन का आरोप है कि यूरोप और अमेरिका की तरफ से आ रहे आक्रामक बयानों की वजह से तनाव बढ़ रहा है और जंग खतरनाक शक्ल अख्तियार करती जा रही है।

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