ऑपरेशन गंगा में अब तक हजारों स्टूडेंट्स को वापस लाया जा चुका है। हालांकि अब भी बहुत से स्टूडेंट्स युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। इस बीच शनिवार शाम कीव में इंडियन एम्बेसी ने बताया कि पिसोचिन में भारतीय छात्रों को लाने के लिए 3 बसें पहुंच गईं हैं। जल्द ही 2 और बसें पहुंच जाएंगी। इसकेज पहले विदेश मंत्रालय ने सूमी में फंसे छात्रों से कहा कि हमने सभी भारतीय छात्रों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। वे किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अनावश्यक जोखिम ना उठाएं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि खार्किव में अब कोई भारतीय नहीं है। पिसोचिन से भी कुछ घंटे में सभी इंडियंस को निकाल लिया जाएगा। अब सरकार का फोकस सूमी पर है।
शनिवार को एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने इसकी सफलता पर सवाल उठा दिए हैं। सूमी में फंसे स्टूडेंट ने वीडियो जारी करके कहा है कि ये उनका आखिरी वीडियो और आखिरी अपील है। इसके बाद वे अपनी जान जोखिम में डाल कर रशिया बॉर्डर की तरफ निकल जाएंगे। इसके कुछ ही देर बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने सभी भारतीय छात्रों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। छात्र किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अनावश्यक जोखिम ना उठाएं। विदेश मंत्रालय और हमारे दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनवाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने तत्काल युद्धविराम के लिए कई चैनलों के माध्यम से रूस और यूक्रेन की सरकारों पर जोरदार दबाव डाला है। आज सुबह रूस ने यूक्रेन के दो शहरों में सीजफायर का ऐलान किया है, ये दोनों ही शहर सूमी से 600 किमी दूर हैं। बाकी जगहों पर गोलाबारी जारी है। वहां तक मदद भी नहीं पहुंची है। जिसके कारण इन स्टूडेंट्स ने पैदल ही निकलने का फैसला किया।
यूक्रेन में चल रहे संकट के बीच आज यूक्रेन समेत अनेक यूरोपीय देशों के राजदूतों ने शांति की अपील करते हुए महात्मा गांधी को याद किया। दिल्ली के राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, राजघाट में राजदूत और उनके परिजन सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। सभा के बाद यूक्रेन के राजदूत डॉ. आइगर पोलिखा ने भारत से अपील की कि वह यूक्रेन को बचाने में सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि रूस की विनाशक क्रूर ताकत और तथाकथित महाशक्तियों का आपसी खेल यूक्रेन के नागरिकों की स्वतंत्रता,सम्मान और अस्तित्व को समाप्त कर रहा है। इस मौके पर संग्रहालय अध्यक्ष तारा गांधी भट्टाचार्य, गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष रामचंद्र राही, गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत भी मौजूद रहे।
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत शनिवार को 11 फ्लाइट्स आएंगी। इनमें 2,200 से अधिक भारतीयों को वापस लाया जाएगा। इन फ्लाइट्स में से 10 दिल्ली में और एक मुंबई में उतरेगी। यूक्रेन के भारतीय दूतावास का कहना है कि उन्होंने खार्किव में पिसोचिन से 298 भारतीय छात्रों को निकालने के लिए बसों की व्यवस्था की है।