मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को अपनी सरकार का चौथा आम बजट पेश करने वाले हैं। संकेत हैं, मुख्यमंत्री इस दौरान वे कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा कर सकते हैं। इसके साथ मजदूरों की दो बेटियों के खाते में 20-20 हजार रुपए जमा करने की एक योजना भी बजट में प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले सप्ताह की पुरानी पेंशन योजना की बहाली के संकेत दिए थे। राजस्थान सरकार के पेंशन बहाली के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, वे प्रदेश की वित्तीय स्थिति का अध्ययन करने के बाद इस पर कोई फैसला करेंगे। बताया जा रहा है, वित्त विभाग ने इसकी शुरुआती कवायद पूरी कर ली है। अनुमान है कि पुरानी पेंशन योजना लागू होने से अगले एक दशक तक सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं आने वाला, उल्टे 1680 करोड़ रुपया सालाना की बचत होगी।
यह वह राशि है जो सरकार अंशदायी पेंशन यानी नई पेंशन योजना में अपने पास से देती है। नई पेंशन योजना 2004 से लागू हुई है। उसके बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों की संख्या तीन लाख 30-40 हजार बताई जा रही है। ये कर्मचारी 2030-32 के बाद ही रिटायर होंगे, तब सरकार पर उनके देयकों का बोझ पड़ेगा। प्रदेश के कर्मचारी संगठन जोर-शोर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था।
बताया जा रहा है कि बजट में मजदूरों के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा हो सकती है। इसमें मजदूरों की पहली दो बेटियों के लिए 20-20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि भी प्रमुख है। यह योजना कर्मकार मंडल में पंजीकृत मजदूरों के लिए होगी। प्रत्येक जिला और ब्लॉक मुख्यालय पर श्रमिकों के लिए संसाधन केंद्र बनेंगे।सरकार इस बजट में परिवहन सुविधा केंद्र शुरू करने की व्यवस्था बना रही है। बताया जा रहा है, यह लोक सेवा केंद्रों की तरह का सेटअप होगा। इन्हें लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए अधिकृत किया जाना है। इसके साथ ही इन केंद्रों पर परिवहन विभाग की दूसरी ऑनलाइन सेवाएं भी मिलेंगी।