रायपुर में इंटरनेशनल कृषि मेला:मुख्यमंत्री बोले- बजट का एक तिहाई गांव और किसानों को दिया

रायपुर में इंटरनेशनल कृषि मेला:मुख्यमंत्री बोले- बजट का एक तिहाई गांव और किसानों को दिया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कृषि महाविद्यालय में लगे अंतरराष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी और किसान मेले का उद्घाटन किया है। इस मेले में सरकारी और निजी क्षेत्र की 132 संस्थाएं और कंपनियाें ने अपनी तकनीक और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। यह मेला चार दिन चलेगा।

उद्घ्राटन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ये किसान और वनवासियों का प्रदेश है। पैसे का समान वितरण होना चाहिए, लेकिन पिछले 15 साल से लगातार किसानों के साथ छलावा हुआ। पिछली सरकार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी थी। लोग अपने मवेशियों को इस गांव से उस गांव में छोड़ आते थे। हमने गौठान बनाकर इसकी व्यवस्था की। प्रदेश में 8 हजार गौठान बन चुके हैं, कहीं भी कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बनी।ये योजना सरकार की नहीं बल्कि हम सबकी है। मुख्यमंत्री ने कहा, अब किसानों के खाते में पैसे बच रहे हैं, इसीलिए गौठानों को औद्योगिक पार्क में डेवलप करने जा रहे हैं। यहां स्थानीय युवा अब उद्योग लगाएंगे और हम उन्हें लोन भी देंगे। हर शहर में सी-मार्ट खोल रहे हैं ताकि गांव के उत्पाद शहर में बिकें। मुख्यमंत्री ने बताया, पिछले 3 साल में किसानों के खाते में 91 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। बजट का एक तिहाई हिस्सा किसानों को मिला है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, गांवों के उत्पादन केंद्र खत्म होने से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई। बौद्धिक संपदा का पलायन हुआ है। इससे भारत और छत्तीसगढ़ का बहुत नुकसान हुआ। हम सभी गांव के पले बढ़े हैं। हम गांव वालों की तकलीफ समझते हैं, आज किसानों को पैसे की समस्या नहीं है। सभी के खातों में पैसा पहुँचता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हमारी सरकार ने किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिया और ऋण माफ भी किया। हमने सभी वर्ग के किसानों का कर्जा माफ किया। राजीव गांधी किसान योजना लागू की। कोरोना की वजह से सरकार का राजस्व भी कम हुआ उसके बाद भी हमने किस्तों में पैसा दिया। हमने किसानों से जो वादा किया उससे पीछे नहीं हटे। इस माह के आखिरी तक चौथी किस्त भी आपके खाते में आ जाएगी।

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