कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव और वरिष्ठ नेता प्रताप मध्यानी का आज सुबह निधन हो गया। उनकी तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी। हैदराबाद के केम्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वहां वे पिछले करीब 17 दिनों से वे भर्ती थे। प्रताप मध्यानी की मौत की खबर से पूरे दुर्ग भिलाई शहर में शोक की लहर व्याप्त है।
प्रताप मध्यानी के पुत्र सुनील मध्यानी ने बताया कि उन्हें लंग्स इन्फेक्शन था। उनका इलाज रायपुर एमएमआई में चल रहा था। इसके बाद हालत और गंभीर होने पर उन्हें हैदराबाद केम्स हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां उसका इलाज चल रहा था। दो दिन से उनकी तबीयत अधिक खराब बताई जा रही थी। इसके बाद शनिवार सुबह उनकी मौत की खबर आई।
प्रताप मध्यानी दुर्ग निगम के 3 बार के पार्षद रह चुके थे। वे महापौर परिषद के सदस्य भी रह चुके थे। इसके अलावा वर्ष 2000 में स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष भी रहे। कांग्रेस के प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी भी उन्होंने काफी दिनों तक निभाई। उन्होंने दुर्ग के वर्तमान विधायक अरुण वोरा के खिलाफ छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा और वोरा को कड़ी टक्कर भी दी थी। इसके बाद वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गये थे। पिछले करीब दो वर्षों से तबीयत ठीक नहीं होने से वह वह लोगों से कम ही मिलते थे। इतना ही नहीं कोरोना के चलते भी उन्होंने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था।