किसान की मौत पर विपक्ष का हंगामा:नवा रायपुर की घटना पर काम रोककर चर्चा कराने की मांग

किसान की मौत पर विपक्ष का हंगामा:नवा रायपुर की घटना पर काम रोककर चर्चा कराने की मांग

नवा रायपुर में किसान की मौत पर सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा हो गया। भाजपा विधायकों ने काम राेककर इस विषय पर चर्चा की मांग की। मांग नहीं मानी गई तो नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

शून्यकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने स्थगन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, नवा रायपुर में किसान 70 से अधिक दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। शुकवार को आंदोलन के दौरान एक किसान की मौत हो गई। यह लाखों किसानों से जुड़ा मसला है, ऐसे में इस पर चर्चा कराई जानी चाहिए। विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर आदि ने कहा, उत्तर प्रदेश के किसानों को सरकार 50 लाख का मुआवजा दे आई है। यहां मृतक किसान के परिजनों को केवल चार लाख रुपए दिए जा रहे हैं। भाजपा विधायकों ने मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ रुपया मुआवजा देने की मांग की। हंगामा बढ़ा तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर चर्चा कराने से मना कर दिया।

कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा ने नवागढ़ की एक सहकारी समिति में गड़बड़ी की ओर मंत्री का ध्यान खींचा। जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्वीकार किया कि समिति में गड़बड़ी पाई गई है। आशीष छाबड़ा ने कार्यवाही के बारे में पूछा तो मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। यहीं से भाजपा विधायकों ने मामला लपक लिया। भाजपा विधायकों ने सरकार पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

इस हंगामें के बीच खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने विपक्ष के लिए कुछ भड़काऊ टिप्पणियां कर दीं। इसके बाद मामला धान खरीदी में गड़बड़ी से हटकर विपक्ष के अपमान पर टिक गया। विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए मंत्री से माफी मांगने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए और लगातार वहीं बने रहे।

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