आय से अधिक केस में गिरफ्तार निलंबित ADG जीपी सिंह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी ने उनकी एक याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। इसके लिए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है। अब इस याचिका की सुनवाई किस कोर्ट में होगी, इसका फैसला चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी करेंगे।
निलंबित ADG और प्रदेश के चर्चित IPS जीपी सिंह के खिलाफ तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज है, जिसमें से एक प्रकरण भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति करने के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया है। इस मामले में उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। इससे पहले जीपी सिंह ने अपने वकील के माध्यम से तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी। इन याचिकाओं में राज्य शासन की कार्रवाई को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया था। साथ ही याचिकाओं में EOW और पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने और केस को निरस्त करने की मांग की थी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी याचिका खारिज होने के बाद राज्य शासन ने उन्हें दिल्ली के नोएडा से गिरफ्तार किया था।जीपी सिंह की दो याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। इन याचिकाओं में उन्होंने राजद्रोह और भयादोहन के केस को चुनौती दी है। याचिका में बताया गया है कि उनके खिलाफ राजद्रोह का केस नहीं बनता। इसके साथ ही FIR को यह कहते हुए रद्द करने की मांग की है कि राजद्रोह का केस राज्य शासन ही दर्ज करा सकती है। जबकि, उनके खिलाफ व्यक्तिविशेष ने यह केस दर्ज कराया है। ऐसे में यह मामला चलने योग्य नहीं है। इसके साथ ही भयादोहन के प्रकरण को चुनौती दी है और कहा है कि सालों पहले शिकायत को आधार बनाकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस केस में भी उन्हें बेवजह फंसाया गया है।सोमवार को उनकी दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होनी थी। यह केस जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में लगा था। उन्होंने मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही कह दिया कि प्रकरण को दूसरे बेंच में रखा जाए। निजी कारणों से वो इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते। अब उनके इनकार करने के बाद चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी तय करेंगे कि उनकी याचिका की सुनवाई किस बेंच में होगी।