रूस यूक्रेन जंग का आज 28वां दिन है।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के सीनियर एडवाइजर एंतोली चुबाइस ने पद से इस्तीफा दे दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एंतोली ने यूक्रेन पर हमले का विरोध किया था। इसके बाद पुतिन ने उन्हें क्लाइमेट एन्वॉय की पोस्ट पर ट्रांसफर कर दिया था। एंतोली 1990 के दशक में बोरिस येल्तसिन सरकार में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर भी रह चुके हैं।
दूसरी तरफ, बुधवार को ही पोलैंड की होम मिनिस्ट्री ने एेलान किया कि उसने रूस के 45 डिप्लोमैट्स को देश छोड़ने को कहा है। इन पर आरोप है कि ये रूसी इंटेलिजेंस सर्विस के लिए काम कर रहे थे।
अमेरिका और रूस में जुबानी वार पलटवार भी जारी है। अमेरिका का दावा है कि रूस ने जिस मकसद के साथ यूक्रेन जंग शुरू की थी वो उसे हासिल करने में नाकाम रहा है। हालांकि, इस नाकामी के बावजूद यह युद्ध आसानी से खत्म नहीं होगा।
अमेरिका के इन दावों पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दो टूक लहजे में कहा कि यूक्रेन युद्ध हमारे प्लान के मुताबिक ही चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तभी करेगा जब उसके अस्तित्व को खतरा होगा।यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जापान के सांसदों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जारिए संबोधित किया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की ने जापान से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही रूसी सामानों पर व्यापार प्रतिबंध लगाकर का दबाव बढ़ाने के लिए भी कहा। इसके अलावा जेलेंस्की 24 मार्च को NATO समिट में वर्चुअली हिस्सा लेंगे। इस दौरान वो यूक्रेन के एयर स्पेस को बंद करने की मांग कर सकते हैं।जो बाइडेन इस हफ्ते की ब्रसेल्स विजिट के दौरान रूसी संसद के निचले सदन ड्यूमा के 300 से ज्यादा सदस्यों पर प्रतिबंध का ऐलान कर सकते हैं। इसके साथ ही रूस पर और ज्यादा कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया जा सकता है। हालांकि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि अभी इसके बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।