उत्तर कोरिया ने गुरुवार को इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का टेस्ट किया। फायर किए जाने के 71 मिनट बाद यह जापान की समुद्री सीमा में जाकर गिरी। 2017 के बाद उत्तर कोरिया ने पहली बार इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किया है। जापान के अधिकारियों के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की मिसाइल ने करीब 1100 किलोमीटर का सफर तय किया।
उत्तर कोरिया लगातार मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। गुरुवार को किए गए टेस्ट पर नॉर्थ कोरिया ने कहा- हमने इसे सैटेलाइट से लॉन्च किया था। हालांकि, अमेरिका और साउथ कोरिया इसे ICBM सिस्टम टेस्ट ही बता रहे हैं। बहरहाल, अब तक यह साफ नहीं है कि इसके पीछे किम जोंग उन की क्या मंशा है।
एक ICBM हजारों किलोमीटर का सफर कर सकती है। दूसरे शब्दों में कहें तो नॉर्थ कोरिया इस तरह की मिसाइल से अमेरिका पर भी निशाना साध सकता है। 2017 में पहली बार नॉर्थ कोरिया ने कहा था कि वो जल्द ही ऐसी मिसाइल तैयार कर लेगा जो दुनिया के किसी भी हिस्से में दागी जा सकें।
जापान के रक्षा मंत्री मकोटो ओनिकी ने कहा- इस बैलिस्टिक मिसाइल ने 6 हजार किमी से ज्यादा की ऊंचाई पर उड़ान भरी। ये नवंबर 2017 में लॉन्च की गई ह्वासोंग-15 ICBM से काफी ज्यादा थी। हालांकि, अब तक मंत्रालय को अपने किसी जहाज या विमान के नुकसान से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि, यह जापान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा- दुनिया यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से निपट रही है, उत्तर कोरिया ऐसे परीक्षण कर रहा है जो आगे चलकर बाकी देशों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इन चीजों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।