यूक्रेन पर हमले के एक माह बीत जाने के बाद भी रूस निर्णायक जीत हासिल नहीं कर पाया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अब केमिकल हमले का प्लान बनाया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार पुतिन, यूक्रेन के कुछ शहरों में केमिकल हमले या फिर बायोलॉजिकल हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दे सकते हैं।
अमेरिका ने इस आशंका के चलते सीक्रेट टाइगर टीम का गठन किया है। इस टीम में अमेरिका के शीर्ष 20 सैन्य अफसरों को शामिल किया गया है। ये टीम हर सप्ताह में तीन बार बैठक करती है। यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड सहित अन्य नाटो देशों से ये टीम लगातार खुफिया इनपुट के आधार पर रूसी सेना की कार्रवाई पर नजर रख रही है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी सेनाओं की बेहद धीमी बढ़त, अब तक लगभग 7 हजार सैनिकों सहित 20 टॉप कमांडरों के मारे जाने के बाद पुतिन काफी बेचैन हैं। ब्रेसल्स में नाटो की बैठक में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने भी आशंका जताई कि रूस, यूक्रेन पर केमिकल हथियारों से हमला कर सकता है।नाटो की बैठक में अपने वर्चुअल संबोधन में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि हमारे हौसले बुलंद हैं। रूसी मंसूबे नाकाम होंगे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ब्रसेल्स में नाटो की बैठक में ऐलान किया कि अमेरिका आने वाले दिनों में यूक्रेन के लगभग एक लाख शरणार्थियों अपने यहां जगह देगा।
पुतिन के प्रमुख सलाहकार अनातोली चुबैस ने बुधवार को यूक्रेन हमले के विरोध में इस्तीफा देकर देश छोड़ दिया। वे युद्ध की शुरुआत से ही इसके खिलाफ लिख रहे हैं। उन्होंने मारे गए राजनेता बोरिस नेमत्सोव और उदारवादी अर्थशास्त्री येगोर गेदर की तस्वीरें पोस्ट की। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष ड्वोरकोविच ने भी एक इंटरव्यू में युद्ध की निंदा की थी। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।