यूक्रेन पर हमले का 32वां दिन 

यूक्रेन पर हमले का 32वां दिन 

रूस-यूक्रेन जंग के बीच पोलैंड दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पुतिन जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि रूस ने खुद युद्ध चुना है और यह युद्ध एक दिन या एक महीने में खत्म नहीं हो सकता है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

रूसी राष्ट्रपति हाउस क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह बाइडेन नहीं तय करेंगे कि पुतिन कब तक सत्ता में रहेंगे। रूस की जनता ने पुतिन को राष्ट्रपति बनाया है। उन्होंने कहा कि बाइडेन के इस बयान से रूस और अमेरिका के बीच संबंध पर और गहरा असर होगा। उधर, अमेरिका में व्हाइट हाउस की तरफ से भी बाइडेन के बयान को लेकर सफाई दी गई है कि उनके कहने का मतलब पुतिन को हटाने का आह्वान करना नहीं था।लीव शहर के गवर्नर ने दावा किया है कि रूसी सेना वहां के ऑयल डिपो पर हमला कर दिया है। गवर्नर ने अपने बयान में कहा कि रूसी सैनिकों ने चार हमले किए, जिसमें डिपो पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। हमारे पांच लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।रूस सिक्योरिटी काउंसलिंग के डिप्टी चीफ देमित्री मेददेव ने कहा कि अगर हमारे राष्ट्र पर कोई संकट आता है, तो हम परमाणु हथियार का भी उपयोग करेंगे। मेददेव ने कहा कि हम अपने राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता को लेकर प्रतिबद्ध है। अगर कोई भी खतरा हमें महसूस होगा, तो हम न्यूक्लियर अटैक करने भी नहीं हिचकेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बेलारूस के विपक्षी नेता स्वितालना सिखानौस्का से फोन पर बात की है। व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रेसिडेंट बाइडेन ने कहा कि मानवाधिकार, फ्रीडम ऑफ स्पीच और फ्री एंड फेयर इलेक्शन की लड़ाई लड़ रहे बेलारूस की जनता को हमारा समर्थन है। बता दें, बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको पुतिन के साथ हैं और युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में बाइडेन के इस बयान को बेलारूस की सत्ता में फूट डालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने यूक्रेन को 100 अरब डॉलर (करीब 76 हजार करोड़ रुपए) देने का ऐलान किया है। बाइडेन के पोलैंड दौरे के दौरान यह घोषणा की गई है। बाइडेन पोलैंड में यूक्रेनी शरणार्थियों से भी मिलने पहुंचे थे। एक अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन से अब तक करीब 35 लाख लोग पलायन कर चुके हैं।

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