चीन का सबसे बड़ा शहर सोमवार से 5 दिन के लिए बंद हो रहा है। इसकी वजह है बड़े पैमाने पर होने वाली कोरोना वायरस की टेस्टिंग। शहर प्रशासन बढ़ते ओमिक्रॉन केसेस पर कंट्रोल करने के लिए यह कदम उठा रहा है। चीन सरकार इसके बाद देश के पश्चिमी हिस्से में 1 अप्रैल से कोरोना टेस्टिंग करेगी। इसलिए वहां भी लॉकडाउन लगाया जाएगा।कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुके शंघाई की जनसंख्या 25 मिलियन है। मार्च महीने की शुरुआत से ही यहां कोरोना केस बढ़ने लगे थे, हाल के दिनों में यह देश में कोविड का हॉटस्पॉट बन गया है। शनिवार को शंघाई में कोरोना के 2,676 नए मामले सामने आए थे। इसके बाद लॉकडाउन का फैसला लिया गया। हालांकि ग्लोबल शिपिंग हब शंघाई पूरी तरह बंद नहीं होगा। ये बैन आम जनता के लिए हैं।
हांगकांग यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन की वैक्सीन SinoVac कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में नाकाम है। यह उन लोगों को भी नहीं बचा पा रही है जिन्हें पहले से वैक्सीन की दो खुराकें दी जा चुकी हैं। 2021 तक चीन की 1.6 बिलियन आबादी को 2.6 मिलियन से अधिक डोज दिए जा चुके हैं।
चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने रविवार को 4,500 से ज्यादा नए मामले दर्ज किए, जो शनिवार की तुलना में 1,000 कम हैं। इसके पहले शुक्रवार को 4,790 और शनिवार को 5,600 नए कोरोना केस सामने आए थे।
इस लॉकडाउन के साथ ही पुडोंग, जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट है, वह भी बंद कर दिया जाएगा। 1 अप्रैल से शहर का पश्चिमी आधा हिस्सा पुक्सी 5 अप्रैल तक बंद रहेगा लॉकडाउन के दोनों फेज में लोगों से घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है। और सभी जॉब करने वालों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। टास्क फोर्स के विशेषज्ञ वू फैन ने कहा, “अगर शंघाई पूरी तरह से रुक गया, तो पूर्वी चीन सागर में कई अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज तैर रहे होंगे।