चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने कहा है कि अपनी निष्क्रियता और कार्रवाई की वजह से CBI ने क्रेडिबिलिटी खो दी है। उन्होंने कहा कि CBI को पब्लिक ट्रस्ट फिर से हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान CJI ने भारत में पुलिसिया व्यवस्था को लेकर भी टिप्पणी की।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक ‘लोकतंत्र में जांच एजेंसी की भूमिका और जिम्मेदारी’ विषय पर लेक्चर के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि वक्त के साथ ही पॉलिटिकल एग्जीक्यूटिव बदलते रहेंगे, लेकिन आप परमानेंट हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्किंग स्टाइल आज भी ब्रिटिश जमाने जैसी है। इसे बदलने की जरूरत है।चीफ जस्टिस ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि अगर आपको फिर से क्रेडिबिलिटी हासिल करनी है, तो सबसे पहले राजनेताओं से गठजोड़ तोड़ना होगा और साख वापसी के लिए फिर से काम करना होगा।
चीफ जस्टिस ने कहा कि CBI सहित सभी जांच एजेंसियों को एक छत के नीचे लाने की जरूरत है और इसके लिए एक स्वायत्त (ऑटोनॉमस) जांच एजेंसी बननी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इसकी जिम्मेदारी एक इंडिपेंडेंट पर्सन को दी जानी चाहिए।चीफ जस्टिस ने कहा कि एक ओर जहां सेंट्रल एजेंसी के पास वर्क लोड अधिक है, वहीं उनके पास संसाधनों की भी भारी कमी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के पास मॉडर्न टेक्नोलॉजी, टेंड्र अधिकारी सहित कई बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। इसी वजह से कई बार केस सुलझाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।