छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को बस्तर पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री ग्राउंड में आयोजित सिरहा गुनिया कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी मंच से भूपेश बघेल ने बस्तरवासियों को लगभग 104 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी है।इसके साथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 151 जोड़ों को आशीर्वाद दिया। साथ ही मां गंगादेई देवगुड़ी पहुंचकर उन्होंने पूजा अर्चना भी की। मुख्यमंत्री के साथ आबकारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज समेत बस्तर के सभी विधायक भी पहुंचे हैं।
सिरहा गुनिया कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे मंदिर सिर्फ हमारे आस्था का केंद्र नहीं बल्कि हमारा गौरव भी है। बस्तर में कई प्राचीन संस्कृतियां हैं, जिन्हें बस्तर के लोग संभाले रखे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के शासन काल में उन्होंने बस्तर के सिरहा, गुनिया, मांझी की तरफ ध्यान नहीं दिया। CM ने कहा कि मैंने अधिकारियों से कहा है कि इनमें से जो भी वनाधिकार पट्टे के लिए आवेदन किया हो उनका काम करें। हमारी सरकार देवगुड़ियों का संरक्षण कर रही हैं। देवगुड़ियों का संरक्षण करने के लिए अब तक 11 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीएम ने पत्रकारों से भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि 15 साल प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और इस सरकार में लोग दबे हुए थे, भयभीत थे। लोग घर से नहीं निकल पाते थे। अपनी बात नहीं रख पाते थे। कांग्रेस के शासन में अब बस्तर का वातावरण सुधरा तो लोग घर से निकले और सड़कों पर आए। यही आजादी है। यह आजादी सबको मिलनी चाहिए। लेकिन आजादी का यह मतलब नहीं कि आप कलेक्टर कार्यालय के अंदर घुस जाएं और तोड़फोड़ करने लग जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नक्सली घटनाओं में कमी आई है। फर्जी एनकाउंटर बंद हुआ है। लेकिन दूसरे संगठन के कुछ लोग इसे उग्र रूप दे रहे हैं। बस्तर शांति के रूप में लौट रहा है। इसमें सहयोग करना चाहिए। आग में घी डालने का काम नहीं करना चाहिए। वहीं जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा गया कि क्या मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी मेरी हाईकमान से कोई बात नहीं हुई है।