महाराष्ट्र से शुरू हुआ लाउडस्पीकर विवाद बढ़ता जा रहा है। देशभर में मंदिर, मस्जिद और अन्य जगहों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर गुरुवार को कई एक्शन लिए गए, जिसमें वॉयस कंट्रोल डिवाइस लगाने से लेकर नोटिस भेजने जैसे कदम उठाए गए।
इस बीच, लाउडस्पीकर पर बयानबाजी भी तेज हो गई है। सिंगर अनुराधा पौडवाल ने कहा है कि जब मुस्लिम मुल्कों में अजान लाउडस्पीकर पर नहीं होती तो भारत में ऐसा क्यों होता है।
बेंगलुरु पुलिस ने बुधवार को मस्जिदों, मंदिरों, चर्चों, पबों, बारों समेत 300 से ज्यादा स्थलों के लिए नोटिस जारी किए। इनमें 59 पब, बार और रेस्तरां को, 12 उद्योगों को, 83 मंदिरों को, 22 चर्चों को और 125 मस्जिदों को दिए गए हैं। बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक जिन्हें नोटिस दिया गया है, उनसे यह भी कहा गया है कि लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल ध्वनि के निर्धारित स्तर के भीतर ही करें।
कर्नाटक के CM बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को लाउडस्पीकर के मुद्दे पर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति इन सभी समस्याओं को पैदा कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर भी हाईकोर्ट का डेसीबल मीटर का आदेश पारित हो चुका है और यह सिर्फ अजान के लिए ही नहीं, बल्कि सभी लाउडस्पीकरों के लिए है।शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य में मस्जिदों को अजान की आवाज तय करने के लिए नोटिस दिया है। बिहार से मंत्री जनक राम ने भी मस्जिदों पर लगने वाले लाउडस्पीकर पर बैन की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के त्योहारों पर डीजे पर रोक लगती है, उसी तरह मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर भी रोक लगे।
अनुराधा पौडवाल ने कहा कि वे किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, लेकिन देश-विदेश घूमने के बाद उन्हें ऐसा कहीं देखने को नहीं मिला है। भारत में इसे जबरन बढ़ावा मिला है। मस्जिद में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से बाकी लोग भी स्पीकर चलाते हैं। मिडिल ईस्ट में लाउडस्पीकर बैन हैं।
करीब चार साल पहले जब सोनू निगम ने अजान और लाउडस्पीकर को लेकर अपनी बात रखी थी, तब वे विवादों में घिर गए थे। बात 2017 की है जब सोनू ने ट्विटर पर अजान की आवाज सुनाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था।