चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, परगट सिंह समेत कई दिग्गज धरने में पहुंचे। पूर्व CM चरणजीत चन्नी धरने में नहीं आए। वह दिल्ली में राहुल गांधी से मिलने गए हुए थे। धरने में नवजोत सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस हारी जरूर है लेकिन मरी नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी वाले गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। वह धमकियां दे रहे हैं। वह डराने के साथ कत्लेआम पर उतर आए हैं।
सिद्धू ने कहा कि 3 महीने में आम आदमी पार्टी बिखर जाएगी। उन्होंने कहा कि नेताओं को वर्करों के साथ खड़ा होना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि वर्कर का नाराज होना और घर बैठना सबसे बुरी परिस्थिति है। सिद्धू ने कहा कि सरेआम कांग्रेस वर्करों की हत्या की जा रही है।पंजाब में इस वक्त कांग्रेस को प्रदेश प्रधान का इंतजार है। चुनावी हार के बाद सोनिया गांधी ने नवजोत सिद्धू से इस्तीफा ले लिया था। इसके बावजूद सिद्धू पूरी तरह एक्टिव होकर काम कर रहे हैं। वह पंजाब में लुधियाना, पटियाला, कपूरथला का दौरा कर समर्थकों से मिल चुके हैं। इसके अलावा गुरदासपुर और बहबल कलां भी प्रदर्शन में जा चुके हैं। उनके समर्थकों का तर्क है कि सिद्धू का इस्तीफा अभी हाईकमान ने मंजूर नहीं किया, इसलिए वह प्रधान के तौर पर ही काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने पिछले चुनाव में चरणजीत चन्नी पर दांव खेला था। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद सुनील जाखड़, सुखजिंदर रंधावा और नवजोत सिद्धू को दरकिनार कर चन्नी को CM बनाया। इसके बाद चन्नी के 111 दिन के कार्यकाल पर चुनाव लड़ा। सिद्धू को दरकिनार कर चन्नी को CM चेहरा भी बनाया। हालांकि चुनाव में वह भदौड़ के साथ अपनी गृह सीट चमकौर साहिब भी गंवा बैठे। तब से उन्होंने राजनीति से दूरी बनाकर चुप्पी साध रखी है।