रूस यूक्रेन जंग को जल्द ही 50 दिन पूरे होने वाले हैं। इसी बीच लिथुआनिया की PM इंग्रिडा सिमोनीटे ने कीव के पास बोरोड्यांका का दौरा किया। जब वे पहुंची तो वहां बचाव दल को मलबे के नीचे कई शव मिले। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि जो बर्बादी उन्होंने देखी उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं।इंग्रिडा ने यह भी कहा कि रूस ने जो नरसंहार किया है उसके लिए उसे दंडित किया जाना चाहिए। युद्ध अपराधों की जांच में शामिल होने के लिए लिथुआनिया की आभारी हूं। हमें रूस को एक साथ रोकना होगा। इधर मारियुपोल शहर के मेयर वादिम बॉयचेंको का कहना है कि रूसी हमले की वजह से 10 हजार से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है।फ्रांस ने बड़ा एक्शन लेते हुए रूस के 6 डिप्लोमैट्स को बाहर निकाल दिया है। फ्रांसीसी सरकार का कहना है कि लंबी जांच के बाद वो 6 रूसी एजेंट को निकाल रहा है। ये लोग डिप्लोमैटिक कवर की आड़ में फ्रांसीसी हितों को कमजोर कर रहे थे। हालांकि, इससे ज्यादा कोई डिटेल नहीं दी गई।
यूक्रेन की आजोव रेजिमेंट के मुताबिक, रूस ने मारियुपोल में यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल किया था। इस वजह से उन्हें सांस की तकलीफ होने लगी थी। मुमकिन है कि युद्ध में यह पहला मौका हो जब रूस ने केमिकल हथियार का इस्तेमाल किया हो।बीते रोज मॉस्को दौरे पर पहुंचे ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक यूक्रेनियन मर रहे हैं तब तक प्रतिबंध बने रहेंगे। इस युद्ध की वजह से लोगों ने बहुत ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ा है।