डोर्नियर-228 की उड़ान:पहली मेड इन इंडिया कॉमर्शियल फ्लाइट असम से अरुणाचल पहुंची

डोर्नियर-228 की उड़ान:पहली मेड इन इंडिया कॉमर्शियल फ्लाइट असम से अरुणाचल पहुंची

मेड इन इंडिया डोर्नियर-228 विमान मंगलवार को अपनी पहली उड़ान भरी। असम के डिब्रूगढ़ से अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट के बीच इसका संचालन किया गया। विमान को केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने हरी झंडी दिखाई। पासीघाट पहुंचने के बाद फ्लाइट का पानी की बौछार से स्वागत किया गया।विमान की उड़ान से पहले असम के लीलाबाड़ी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए पहले FTO यानी फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन का भी उद्घाटन किया गया। आज तक डोर्नियर 228 विमानों का उपयोग केवल सेना के लिए किया जाता था।

17-सीटर डोर्नियर-228 दिन और रात के संचालन में सक्षम है। यह लाइट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उत्तर पूर्वी राज्यों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करेगा। यह पहाड़ी इलाकों में छोटे रनवे पर उड़ान भरने और लैंड करने में सक्षम है। जानकारी के अनुसार, यह विमान पहले डिब्रूगढ़ से पासीघाट के लिए और अगले 15 से 20 दिनों में अरुणाचल प्रदेश के तेजू और जीरो के लिए उड़ान भरेगा।इस विमान को सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है और इस हवाई सेवा का संचालन सरकारी एयरलाइंस कंपनी अलायंस एयर करेगी। अलायंस एयर ने फरवरी में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एग्रीमेंट किया था। इसमें दो 17-सीटर डोर्नियर-228 विमानों की आपूर्ति के लिए बात हुई थी। एयरलाइन को अपना पहला डोर्नियर 228 विमान 7 अप्रैल को मिला था।

‘उड़े देश का आम नागरिक (UDAN)’ के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ( RCS), नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (NER) को प्राथमिकता दी है। इससे NER के लिए इंटर और इंट्रा कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिली है। उनका मानना है कि NER का विकास न केवल स्ट्रैटेजिक इंपॉर्टेंस का हिस्सा है, बल्कि भारत के विकास का भी हिस्सा है। NER में कनेक्टिविटी जरूरी है।

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